चुनाव आयोग (Election Commissioner) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Congress General Secretary and MP from Wayanad, Priyanka Gandhi Vadra) ने चुनाव आयोग (Election Commission) पर तीखा हमला बोला है।
नई दिल्ली: चुनाव आयोग (Election Commissioner) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Congress General Secretary and MP from Wayanad, Priyanka Gandhi Vadra) ने चुनाव आयोग (Election Commission) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी हमारे चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करता है, वह देश के साथ गद्दारी कर रहा है।
प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करना और 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाना लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ एक आपराधिक काम है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) को पूरी तरह पता है कि यह सब उनकी नाक के नीचे हो रहा है। उनके साथियों ने इस ओर उनका ध्यान दिलाया, लेकिन उन्होंने इसे नज़रअंदाज़ किया और जानबूझकर एक निष्पक्ष न रहने वाले चुनाव को होने दिया। उन पर किसी भी दूसरे अपराधी की तरह आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उन पर देशद्रोह का मुक़दमा चलना चाहिए।
प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि मतदाता सूची में कथित हेरफेर और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाया जाना लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ आपराधिक कृत्य है। उनके बयान ऐसे समय आए हैं, जब द इंडियन एक्सप्रेस (The Indian Express) की एक रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से एसआईआर से जुड़े फैसलों पर कथित तौर पर कई बार आपत्ति जताए जाने की बात कही गई है।
प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि जो कोई भी चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करता है, वह देश के साथ गद्दारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) की जानकारी में कोई गैरकानूनी काम हुआ है तो उन्हें कानूनी सुरक्षा क्यों मिलनी चाहिए? उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची में कथित हेरफेर और 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का मामला लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ आपराधिक कृत्य है। हालांकि, 13 करोड़ नाम हटाए जाने का आंकड़ा एसआईआर (SIR) पर सामने आई रिपोर्ट और राजनीतिक दावों के संदर्भ में है। इसे किसी अंतिम न्यायिक या आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। द इंडियन एक्सप्रेस (The Indian Express) ने अपनी रिपोर्ट में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने की बात कही है।