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Fiji declares HIV emergency : फिजी में बेकाबू हुआ HIV संक्रमण, घोषित हुई नेशनल इमरजेंसी

पैसिफिक क्षेत्र के छोटे से देश फ़िजी ने HIV के बढ़ते मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। इन मामलों के बढ़ने की एक वजह मेथम्फेटामाइन (A type of intoxicating substance) की बढ़ती समस्या भी है।

By अनूप कुमार 
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Fiji declares HIV emergency :  पैसिफिक क्षेत्र के छोटे से देश फ़िजी ने HIV के बढ़ते मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। इन मामलों के बढ़ने की एक वजह मेथम्फेटामाइन (A type of intoxicating substance) की बढ़ती समस्या भी है।

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दस लाख से कम आबादी वाले इस द्वीप समूह में अब अनुमान है कि हर 60 में से एक वयस्क HIV (Human Immunodeficiency Virus) से संक्रमित है। यह स्थिति उस वैश्विक ट्रेंड के उलट है जिसमें इस लाइलाज (लेकिन जिसका इलाज संभव है) वायरस के मामलों में कमी आ रही है।

अपनी मिलनसार संस्कृति, सफेद रेत वाले समुद्र तटों और शानदार कोरल रीफ़ के लिए मशहूर पर्यटन स्थल फ़िजी ने सबसे पहले जनवरी 2025 में इस वायरस के प्रकोप की घोषणा की थी और टेस्टिंग बढ़ाई थी, जिससे इस तेज़ी से बढ़ते सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की गंभीरता का पता चला।

फिजी में एचआईवी संक्रमण के मामलों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान जबरदस्त वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2025 में देश में एचआईवी के 2,016 नए मामले सामने आए, जबकि 2024 में यह संख्या 1,583 थी। यानी एक साल में नए मामलों में करीब 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

फिजी के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा मंत्री डॉ. राटु एटोनियो लालाबालावु (Dr. Ratu Atonio Lalabalavu) ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा कि संक्रमण की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए तत्काल और समन्वित कदम उठाने की जरूरत है।

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खबरों के अनुसार, फिजी में एचआईवी संक्रमण बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें असुरक्षित यौन संबंध, नशीली दवाओं को इंजेक्शन के जरिए लेने के दौरान संक्रमित सुइयों का इस्तेमाल, एचआईवी की कम जांच और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच शामिल हैं।

‘सेव द चिल्ड्रन फिजी’ ने इस हफ़्ते बताया कि यह महामारी अब देश के नवजात शिशुओं तक भी पहुँच गई है; दो महीने का एक बच्चा HIV और टीबी (TB) दोनों से पीड़ित सबसे कम उम्र का मरीज़ पाया गया है। HIV शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है, जिससे टीबी होने का ख़तरा बढ़ जाता है। संस्था के अनुसार, पिछले साल 59 बच्चों को अपनी माँ से HIV का संक्रमण हुआ था।

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