लखनऊ। आजाद अधिकार सेना (Azad Adhikar Sena) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) को महाकुंभ भगदड़ मामले (Maha Kumbh Stampede Case) में बीबीसी रिपोर्ट (BBC Report) के क्रम में व्यक्तिगत स्तर पर लीगल नोटिस (Legal Notice) भेजी है।
पढ़ें :- सीएम योगी ने किसानों को दी बड़ी राहत, अब बिना फार्मर रजिस्ट्री के सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे गेहूं
रजिस्टर्ड डाक, सोशल मीडिया तथा ईमेल के माध्यम से भेजी इस नोटिस में उन्होंने कहा है कि बीबीसी रिपोर्ट ने कुल 82 मौतों की बात कही है, जिसमें 26 लोगों को गैर कानूनी ढंग से 5 लाख रुपए कैश देने के तथ्य शामिल हैं, जबकि आदित्यनाथ ने 19 फरवरी को विधानसभा में कुल मौतों की संख्या 37 बताई गई थी। संभव है उन्हें अधिकारियों ने गलत जानकारी दी हो या यह भी संभव है कि बीबीसी की रिपोर्ट फर्जी हो।
BBC द्वारा कुंभ के संबंध में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर @azadadhikarsena के @Amitabhthakur द्वारा यूपी के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ को व्यक्तिगत स्तर पर प्रेषित की जा रही लीगल नोटिस.
प्रतिलिपि–
श्री @myogiadityanath @myogioffice @CMOfficeUP pic.twitter.com/ARp39LdMwo— Amitabh Thakur (Azad Adhikar Sena) (@Amitabhthakur) June 12, 2025
पढ़ें :- अक्षय तृतीया पर वृंदावन पहुंचे विराट-अनुष्का, साधारण श्रद्धालु की तरह किया सत्संग
अमिताभ ठाकुर ने योगी आदित्यनाथ को अपने स्तर से बीबीसी रिपोर्ट के तथ्यों को सत्यापित करते हुए उनके सही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और एफआईआर करने के साथ सभी शेष 45 मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख का मुआवजा देने की मांग की है। इसके विपरीत रिपोर्ट फर्जी पाए जाने पर बीबीसी पर एफआईआर दर्ज कराए जाने की मांग भी की है।
कुंभ मामले में BBC की तथ्यपरक रिपोर्ट पर UP CM श्री आदित्यनाथ और यूपी सरकार की चुप्पी बेहद चिंताजनक.
@azadadhikarsena द्वारा सीएम से अविलंब इस संबंध में तथ्यात्मक स्थिति प्रकट करने की मांग@CMOfficeUP @UPGovt @ChiefSecy_UP @PMOIndia @HMOIndia pic.twitter.com/sl7hZhWyXw
— Amitabh Thakur (Azad Adhikar Sena) (@Amitabhthakur) June 11, 2025
पढ़ें :- मेरठ: परशुराम जंयती में DSP की सख्ती, फरसा-डंडा लहराने वालों को दी चेतावनी,Video-Viral
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि बीबीसी ने अपने रिपोर्ट में तमाम डिटेल दिए हैं, अतः सरकार यह काम 7 दिनों में आसानी से कर सकती है। उन्होंने कहा कि यदि इनमें से कोई कार्यवाही नहीं की जाती है तो वे भविष्य में अपने किसी भी विधिक कार्यवाही में योगी आदित्यनाथ को इस मामले में प्रमुख उत्तरदाई व्यक्ति मानने को बाध्य होंगे।