भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और उनकी पत्नी, बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक नगरी वृंदावन पहुंचे। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सोमवार को दोनों ने विख्यात संत स्वामी प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और सत्संग में भाग लिया। खास बात यह रही कि इस दौरान उन्होंने किसी वीआईपी प्रोटोकॉल का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि आम श्रद्धालुओं के बीच बैठकर सादगी से प्रवचन सुना...
Vrindavan: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और उनकी पत्नी, बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक नगरी वृंदावन पहुंचे। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सोमवार को दोनों ने विख्यात संत स्वामी प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और सत्संग में भाग लिया। खास बात यह रही कि इस दौरान उन्होंने किसी वीआईपी प्रोटोकॉल का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि आम श्रद्धालुओं के बीच बैठकर सादगी से प्रवचन सुना।
दो महीने के भीतर यह उनकी दूसरी वृंदावन यात्रा है। इससे पहले 20 फरवरी 2026 को भी दोनों महाराज जी का आशीर्वाद लेने आए थे। सोमवार तड़के वे राधा केली कुंज पहुंचे, जहां सत्संग का आयोजन चल रहा था। विराट और अनुष्का जमीन पर बैठकर शांत मन से संत के विचार सुनते रहे, जिससे उनके चेहरे पर भक्ति और श्रद्धा साफ झलक रही थी।
अक्षय तृतीया के चलते मंदिर परिसर में भारी भीड़ मौजूद थी। जैसे ही उनके आने की खबर फैली, श्रद्धालुओं में उन्हें देखने की उत्सुकता बढ़ गई। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी दोनों ने किसी तरह का दिखावा नहीं किया और पूरी तरह सादगी बनाए रखी। सत्संग के दौरान स्वामी प्रेमानंद महाराज ने भक्ति, सेवा और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला और जीवन में मानसिक शांति के लिए समर्पण को आवश्यक बताया। विराट और अनुष्का ने प्रवचन सुनने के साथ-साथ आरती में भी भाग लिया।
पिछले कुछ वर्षों में विराट कोहली के व्यक्तित्व में आध्यात्मिक झुकाव साफ देखा गया है। वे अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ लगातार धार्मिक स्थलों की यात्रा कर रहे हैं। वृंदावन में भी उन्होंने कुछ समय बिताकर वहां के शांत वातावरण का अनुभव किया। लोगों का कहना है कि विराट अब कृष्ण भक्ति में अधिक रुचि लेते नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर उनके इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। प्रशंसक उनकी सादगी की सराहना कर रहे हैं कि वैश्विक पहचान रखने के बावजूद वे आम लोगों की तरह जमीन पर बैठकर सत्संग में शामिल होते हैं। कार्यक्रम के अंत में दोनों ने महाराज जी को नमन किया और वहां से प्रस्थान किया।