वैदिक ज्योतिष में गुरु बृहस्पति को ज्ञान, भाग्य, धन, संतान, विवाह और आस्था के कारक माने गए हैं। ज्योतिष शास्त्र के सबसे अहम राशि परिवर्तन में बृहस्पति देव का गोचर माना जाता है।
Guru Gochar 2026 : वैदिक ज्योतिष में गुरु बृहस्पति को ज्ञान, भाग्य, धन, संतान, विवाह और आस्था के कारक माने गए हैं। ज्योतिष शास्त्र के सबसे अहम राशि परिवर्तन में बृहस्पति देव का गोचर माना जाता है। जून में 12 साल के बाद गुरु का गोचर कर्क राशि में होने जा रहा है। इस राशि में गुरु उच्च के होते हैं। चूंकि गुरु एक राशि में लगभग 12 महीने रहते हैं, इसलिए उन्हें सभी 12 राशियों का चक्कर लगाने में 12 वर्ष का समय लगता है।
अत्यंत शुभ और शक्तिशाली
2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं। गुरु का अपनी उच्च राशि में आना एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली ज्योतिषीय घटना है।
मेष : कर्क में गुरु का गोचर मेष वालों के लिए शुभ फलदायी होगा। इस राशि पर माता लक्ष्मी की कृपा होगी और धन, आय और धन में वृद्धि होगी। भौतिक सुख-सुविधाओं में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।
कर्क : गुरु कर्क राशि में उच्च के होते हैं, इस वजह से इन पर शुभ प्रभाव होगा। आपको नई जॉब मिल सकती है, रोजगार तलाश रहे लोगों को खुशखबरी मिलेगी। आपकी इनकम बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति अधिक मजबूत होगी।
मीन : आपकी राशि के स्वामी ग्रह गुरु हैं और इनका गोचर आपको लाभ देगा। गुरु गोचर से आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी। करियर में मेहनत से आगे बढ़ें। धन की कमी दूर होगी।