गर्मी के मौसम में इंसानों के साथ साथ कोमल पौधों में सूर्य की किरणों का सीधा असर देखने को मिलता है। इस मौसम में चलनें वाली गर्म हवाएं छत पर लगे पौधे और लांन के पौधों को सीधे तौर प्रभावित करती है।
Summer Gardening Tips : गर्मी के मौसम में इंसानों के साथ साथ कोमल पौधों में सूर्य की किरणों का सीधा असर देखने को मिलता है। इस मौसम में चलनें वाली गर्म हवाएं छत पर लगे पौधे और लांन के पौधों को सीधे तौर प्रभावित करती है। अक्सर देखा गया है कि नियमित पानी देने के बावजूद पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और उनकी बढ़त रुक जाती है। आइये जनते हैं कुछ आसान उपाय अपनाकर पौधों को स्वस्थ और हरा-भरा रखा जा सकता है।
पानी देने का समय
पौधों को सुबह जल्दी या शाम को सूर्यास्त के बाद पानी देना बेहतर माना जाता है। सूर्यास्त के बाद पानी देना बेहतर माना जाता है। इससे मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है और जड़ों को पर्याप्त पानी मिल पाता है।
नमी रोकने के लिए रोकने के लिए मल्चिंग एक बेहतरीन तरीका है। मिट्टी के ऊपर सूखे पत्ते, घास, लकड़ी का बुरादा या नारियल का छिलका बिछाने से नमी लंबे समय तक बनी रहती है।
ग्रीन नेट
ग्रीन नेट या हल्के कपड़े की मदद से पौधों को आंशिक छांव देना फायदेमंद रहता है।
वर्मी कम्पोस्ट
पौधों की मजबूती बनाए रखने के लिए पोषण भी जरूरी है। गर्मियों में ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल पौधों के लिए फायदेमंद माना जाता है। कम्पोस्ट, गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिट्टी की गुणवत्ता सुधारते है।