सीकर। सेना के जवान की उत्तराखंड में मौत हो गई। जवान की उस समय मौत हुई जब वह क्रिकेट खेल रहे थे। हवलदार गिरधारी लाल कुमावत (Havildar Girdhari Lal Kumawat) के अचानक सीने में दर्द होने लगा था, जिस पर मौके पर मौजूद लोग उन्हे उठा कर बाईक से अस्पताल ले गए। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने जवान को मृत घोषित कर दिया था। गिरधारीह लाल कुमावत मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले थे और उत्तराखण्ड के रुड़की में तैनात थे।
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मूलरूप से राजस्थान के सीकर जनपद के रहने वाले गिरधारी लाल भारतीय थल सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे। वह 2013 में सेना में भर्ती हुए थे और इस समय वह उत्तराखण्ड के रुड़की जनपद में तैनात थे। एक मार्च को वह अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे। इस दौरान उनके सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उनके साथी उन्हे बाईक से लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। मंगलवार को जवान गिरधार लाल कुमावत का पार्थिव शव उनके पैर्थक गांव पहुंचा, जहां राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा। जवान की पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे खाटूश्यामजी पहुंचा। वहां से जवान का पार्थिव शरीर तिरंग यात्रा के साथ गिगनपुरा-मगनपुरा ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौके पर लोग मौजूद रहे।
बता दे कि जवान के बड़े भाई बनवारीलाल कुमावत ने बताया कि गिरधारी क्रिकेट खेल रहे थे इस दौरान उनके सीने में तेज दर्द हुआ था। लेकिन उपचार शुरू होने से पहले उनका निधन हो गया। गिरधारी लाल सन 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वह अपने पीछे पुत्र दिव्यांशु, पत्नी संगीता को छोड़ गए हैं। माता सोनी देवी और पिता मांगीलाल का पहले ही निधन हो चुका है। जवान की मौत के बाद गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।