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भारतीय सेना का बड़ा फैसला, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ की रेंज 800 किमी तक बढ़ाएगी

भारत अपनी सैन्य शक्ति को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा फैसला करने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना (Indian Army) भी अब ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (Supersonic Cruise Missile 'BrahMos' ) की नयी और अत्यधिक घातक संस्करण को अपने बेडे में सम्मिलित करने की योजना बना रही हैं। इस मिसाइल की क्षमता लगभग 800 किलोमीटर तक होगी।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। भारत अपनी सैन्य शक्ति को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा फैसला करने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना (Indian Army) भी अब ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (Supersonic Cruise Missile ‘BrahMos’ ) की नयी और अत्यधिक घातक संस्करण को अपने बेडे में सम्मिलित करने की योजना बना रही हैं। इस मिसाइल की क्षमता लगभग 800 किलोमीटर तक होगी।

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वर्तमान में भारत में ब्रह्मोस की रेंज लगभग 290 से 450 किलोमीटर तक है। 800 किमी रेंज वाली यह मिसाइल दुश्मन के ठिकानों को बहुत दूर से ही सटीक निशाना बेहद सटीकता से बना सकती है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस मिसाइल को सम्मिलित करने से एलएसी (LAC) और एलओसी (LoC) पर भारत की स्थिति और मजबूत होगी। यह मिसाइल पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ के तहत तैयार की जा रही है।

ब्रह्मोस अपनी दुनिया की सबसे तेज गति (ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना) और सटीक निशाने के लिए जानी जाती है। 800 किमी रेंज वाला नया वर्जन इसे और भी घातक बना देगा। भारतीय सेना अब ब्रह्मोस के साथ-साथ ‘पिनाका रॉकेट सिस्टम’ के गाइडेड वर्जन को भी तैनात कर रही है। ‘पिनाका’ कम दूरी (75-90 किमी) के लिए और ‘ब्रह्मोस’ लंबी दूरी के लिए—यह जोड़ी किसी भी युद्ध की स्थिति में भारत को भारी बढ़त देती है। रक्षा मंत्रालय जल्द ही इस प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति दे सकता है। भारतीय वायुसेना और नौसेना पहले से ही ब्रह्मोस के उन्नत संस्करणों का परीक्षण कर रही हैं, लेकिन थल सेना के लिए यह लंबी दूरी का नया वर्जन एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगा।

रिपोर्ट : सुशील कुमार साह

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