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Education: CBSE OSM फेल! 4 लाख से अधिक छात्रों ने मांगी 11 लाख से भी ज्यादा कॉपियां, आज से खुली री-इवैल्यूएशन विंडो

इतिहास में पहली बार, इस साल बोर्ड द्वारा शुरू किए गए नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (On-Screen Marking ) सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ियों, पोर्टल क्रैश, कम मार्क्स और बिना जांचे उत्तरों की शिकायतों के बाद इतने बड़े स्तर पर विवाद खड़ा हुआ है। छात्रों और अभिभावकों के बढ़ते गुस्से और अविश्वास को देखते हुए, शिक्षा मंत्रालय और बोर्ड ने डैमेज कंट्रोल मोड में आकर ये कदम उठाए हैं।

By Sushil Sah 
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नई दिल्ली। आज, 29 मई 2026 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) का कक्षा 12वीं का री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) और वेरिफिकेशन पोर्टल लाइव हो चुका है। इतिहास में पहली बार, इस साल बोर्ड द्वारा शुरू किए गए नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (On-Screen Marking ) सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ियों, पोर्टल क्रैश, कम मार्क्स और बिना जांचे उत्तरों की शिकायतों के बाद इतने बड़े स्तर पर विवाद खड़ा हुआ है।

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मुख्य आंकड़े और विवाद की वजह

सीबीएसई बोर्ड के इतिहास में पहली बार लगभग हर चौथे छात्र ने अपनी कॉपी जाँचने की मांग की है। इस बार कुल 4,04,319 छात्रों ने अपनी आंसर शीट देखने के लिए रिकॉर्ड आवेदन किया है। छात्रों द्वारा लाखों यानी कुल 11,31,961 आंसर-शीट की डिजिटल स्कैन कॉपियों की मांग की गई है। इसके अलावा छात्रों और अभिभावकों द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पर लगातार सवाल उठाए जा रहे है। छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि जल्दबाजी में धुंधली कॉपियां चेक की गईं, अंकों को जोड़ने में गलतियां हुईं और सही जवाबों पर भी शून्य नंबर दिए गए हैं।

सीबीएसई द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदम

छात्रों और अभिभावकों के बढ़ते गुस्से और अविश्वास को देखते हुए, शिक्षा मंत्रालय और बोर्ड ने डैमेज कंट्रोल मोड में आकर ये कदम उठाए हैं। बोर्ड ने री-इवैल्यूएशन की आवेदन फीस को काफी कम कर दिया है ताकि सभी छात्र बिना किसी आर्थिक बोझ के आवेदन कर सकें। इसके अलावा सरकार ने पिछले दिनों फीस जमा करने के दौरान आ रही दिक्कतों और सर्वर फेलियर के बाद पेमेंट गेटवे में भी बदलाव कर दिया है।

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सरकार ने आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास जैसी शीर्ष संस्थाओं के तकनीकी सहयोग से इस पोस्ट-रिजल्ट प्रोसेस को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का आश्वासन दिया है। इस नियम के अनुसार, सिर्फ वहीं छात्र इस री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के लिए पात्र हैं, जिन छात्रों ने पहले चरण में अपनी आंसर-शीट की स्कैन कॉपी प्राप्त की है। हांलाकि, यह प्रक्रिया केवल थ्योरी आधारित विषयों के लिए ही की जा सकती है। इस री-इवैल्यूएशन के लिए हर एक विषय के लिए केवल एक बार ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। इसके लिएछात्र सीधे सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट (cbse.gov.in) पर जाकर री-इवैल्यूएशन विंडो के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।

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