नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को आसियान शिखर सम्मेलन में वर्चुअली हिस्सा लिया। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि आसियान के देश साझा मूल्यों की डोर से बंधे हुए हैं। 21वीं सदी आसियान देशों की सदी है। बता दें कि आसियान की यह बैठक मलयेशिया में हो रही है।
पढ़ें :- Video-नेहरू जैकेट पहन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को दिया सरप्राइज, जानें कैसा रहा रियक्शन?
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि मलयेशियाई प्रधानमंत्री और मेरे मित्र अनवर इब्राहिम आपने मुझे आसियान परिवार में शामिल होने का अवसर दिया। इसके लिए मैं बहुत खुश हूं। उन्होंने कहा कि मैं आपको इस सफल शिखर सम्मेलन के लिए बधाई देता हूं। पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि समावेशीपन और स्थिरता इस वर्ष के आसियान शिखर सम्मेलन के विषय हैं और यह विषय हमारे साझा प्रयासों को दर्शाता है। चाहे वह डिजिटल समावेशन हो, खाद्य सुरक्षा हो, या इस अशांत वैश्विक समय में लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएं हों। पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि हम साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारत के देश समन्वयक की भूमि का कुशलता से निभाने पर फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस का धन्यवाद करता हूं।
My remarks during the ASEAN-India Summit, which is being held in Malaysia. https://t.co/87TT0RKY8x
— Narendra Modi (@narendramodi) October 26, 2025
पढ़ें :- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस, यूपी के सभी जिलों में हल्ला बोल प्रदर्शन कर पीएम मोदी को संबोधित सौंपेंगी ज्ञापन
पीएम ने थाईलैंड की राजमाता के निधन पर जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि थाईलैंड की राजमाता के निधन पर मैं सभी भारतवासियों की ओर से थाईलैंड के राज परिवार और जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।
भारत और आसियान मिलकर विश्व की लगभग एक-चौथाई जनसंख्या का करते हैं प्रतिनिधित्व
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और आसियान मिलकर विश्व की लगभग एक-चौथाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम न केवल भूगोल साझा करते हैं, बल्कि गहरे ऐतिहासिक संबंधों और साझे मूल्य के जोड़ से जुड़े हुए हैं। हम वैश्विक दक्षिण का हिस्सा हैं। हमारे बीच न केवल व्यापारिक संबंध हैं, बल्कि सांस्कृतिक संबंध भी हैं। आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति का मुख्य स्तंभ है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आसियान की केंद्रीयता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर आसियान के दृष्टिकोण का समर्थन किया है। अनिश्चितता के इस दौर में भारत-आसियान व्यापक रणनीतिक साझेदारी निरंतर मजबूत हुई है। हमारी मजबूत साझेदारी वैश्विक स्थिरता और विकास का आधार बनकर उभर रही है।