Assam election 2024: असम में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू होते ही कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। वोटिंग शुरू होने से कुछ घंटे पहले उदलगुरी सीट से पार्टी के उम्मीदवार सुरेन दायमारी ने न सिर्फ अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली, बल्कि कांग्रेस से इस्तीफा देने का भी ऐलान कर दिया। दायमारी ने मीडिया के सामने कहा कि वह कांग्रेस छोड़ रहे हैं और चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया के नियमों के चलते उनका नाम ईवीएम से हटाया नहीं जा सका है। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी के अनुसार, नाम वापस लेने की अंतिम तारीख पहले ही निकल चुकी थी, इसलिए अब भी मतदाता ईवीएम पर उनका नाम देखकर उन्हें वोट दे सकते हैं।
पढ़ें :- अभिषेक बनर्जी के घर रात 3 बजे पहुंची पुलिस! जबरन ताला तोड़कर आवास में घुसने का आरोप
कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें, सियासी बयानबाजी तेज
इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस की किरकिरी हो रही है। साथ ही मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के उस बयान की भी चर्चा तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस के कई उम्मीदवार उनके प्रभाव में तय होंगे। अब उम्मीदवार के पार्टी छोड़ने के बाद इस बयान को लेकर विपक्ष पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से सफाई देते हुए एक प्रवक्ता ने कहा कि दायमारी ने मीडिया के सामने इस्तीफे की बात कही है, लेकिन पार्टी को औपचारिक रूप से कोई इस्तीफा नहीं मिला है।
‘कांग्रेस में रहने का कोई फायदा नहीं’- दायमारी
सुरेन दायमारी ने पार्टी छोड़ने के पीछे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनके साथ विश्वासघात किया और पार्टी में रहने का कोई फायदा नहीं है। दायमारी के मुताबिक, पार्टी ने उनके चुनाव प्रचार में कोई सहयोग नहीं किया उनका कहना है कि बड़े नेताओं ने उनकी बात नहीं सुनी और जिला स्तर पर भी उन्हें समर्थन नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जनजातीय समाज के लिए काम नहीं किया और उनकी उपेक्षा की।
पढ़ें :- IND vs AFG 1st ODI Live : आज धर्मशाला में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाएगा पहले वनडे, जानें- कब और कहां देख पाएंगे लाइव मैच
उम्मीदवार का प्रोफाइल: हाल ही में जॉइन की थी कांग्रेस
73 वर्षीय सुरेन दायमारी पूर्व सरकारी कर्मचारी रह चुके हैं। उन्होंने जनवरी में ही कांग्रेस जॉइन की थी। उनका कहना है कि उदलगुरी सीट पर कांग्रेस पहले से कमजोर रही है, इसके बावजूद उन्होंने पार्टी को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन संगठन से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने खुद टिकट की मांग नहीं की थी, फिर भी पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया लेकिन बाद में उनका साथ नहीं दिया।
उदलगुरी सीट पर मुकाबला
उदलगुरी सीट पर इस बार भाजपा मैदान में नहीं है। यहां मुकाबला मुख्य रूप से बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी के बीच माना जा रहा है। ऐसे में दायमारी के हटने से कांग्रेस की स्थिति और कमजोर हो सकती है।
EVM में बना रहेगा नाम
पढ़ें :- Facebook servers down: फेसबुक और इंस्टाग्राम अचानक हुआ ठप, यूजर्स को उठानी पड़ रही परेशानी
चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद उम्मीदवार के हटने की स्थिति में उसका नाम ईवीएम से नहीं हटाया जा सकता। ऐसे में मतदान के दौरान मतदाता अब भी सुरेन दायमारी के नाम पर वोट डाल सकेंगे, भले ही उन्होंने चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया हो।