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ब्रिक्स समिट में PM मोदी ने दी चेतावनी- टेक्नोलॉजी और ज़रूरी मिनरल्स के हथियार के तौर पर इस्तेमाल से साझा तरक्की और खुशहाली में आ सकती है रुकावट

By Abhimanyu 
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PM Modi’s speech at the 2026 BRICS Summit : पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को ब्रिक्स समिट में अपने भाषण में “टेक्नोलॉजी और ज़रूरी मिनरल्स के हथियार के तौर पर इस्तेमाल” को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे साझा तरक्की और खुशहाली में रुकावट आ सकती है। उन्होंने ये बातें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो की ग्रुप के बड़े नेताओं की मौजूदगी में कहीं।

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पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया भर में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का आम लोगों की ज़िंदगी पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि ब्रिक्स देशों को इन चुनौतियों से निपटने और सभी को साथ लेकर विकास (खासकर ‘ग्लोबल साउथ’ में) को बढ़ावा देने के लिए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा, “भारत की अध्यक्षता में हमने चार मुख्य बातों पर ध्यान दिया है: मज़बूती (resilience), इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी। मुझे खुशी है कि आपके सहयोग और समर्थन से हम अपनी साझा सोच को ऐसी स्थिति में बदल पाए हैं जिसमें सभी का फ़ायदा हो।”

बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और दुनिया भर में आम लोगों की ज़िंदगी पर इसके असर को लेकर मोदी ने कहा, “दुनिया तनाव बढ़ने की गवाह बन रही है और इसका आम लोगों की ज़िंदगी पर काफ़ी बुरा असर पड़ रहा है। महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने यह दिखा दिया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट किसी एक इलाके तक सीमित नहीं रहता।” उन्होंने कहा, “इसलिए, हमने ब्रिक्स ग्रुप के भीतर मज़बूती बढ़ाने पर खास ज़ोर दिया है। चुनौतियों की समय रहते पहचान करना, उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कदम उठाना भी उतना ही ज़रूरी है।”

उन्होंने कहा, “इस नज़रिए के साथ, संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए ‘ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वॉर्निंग सिस्टम’ पर सहमति बनी है।” मोदी ने कहा कि अर्ली वॉर्निंग डेटा इंटीग्रेशन सिस्टम के लिए गाइडलाइंस भी तैयार की गई हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स लॉजिस्टिक सप्लाई चेन सहयोग फ्रेमवर्क हमारी सप्लाई चेन को ज़्यादा भरोसेमंद और मज़बूत बनाने में मदद करेगा। इनोवेशन फ्रेमवर्क के तहत, ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क हमारे स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ेगा। ग्लोबल साउथ’ के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स को मिलकर काम करना चाहिए। ‘ग्लोबल साउथ’ का ब्रिक्स पर भरोसा बढ़ा है।

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