Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. Atul Subhash Case: निकिता की जमानत याचिका पर अतुल के वकील की दलील, कोर्ट से कहा- बेल के लिए बच्चे का इस्तेमाल न करने दिया जाए

Atul Subhash Case: निकिता की जमानत याचिका पर अतुल के वकील की दलील, कोर्ट से कहा- बेल के लिए बच्चे का इस्तेमाल न करने दिया जाए

By Abhimanyu 
Updated Date

Atul Subhash Case: इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड केस में आरोपी पत्नी निकिता सिंघानिया ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। इस याचिका पर अगली सुनवाई 4 जनवरी को होनी है। वहीं, निकिता की याचिका पर अतुल सुभाष के वकील आकाश जिंदल ने आरोपी की जमानत याचिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दलील दी है कि आरोपी पत्नी निकिता को जमानत पाने के लिए बच्चे को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

पढ़ें :- Memari Flyover Collapse : ईस्ट बर्दवान के मेमारी नेशनल हाईवे 19 पर फ्लाईओवर का छह माह पहले हुआ था उद्घाटन, पुल की दीवार ढही

दरअसल, बेंगलुरु में बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले अतुल सुभाष ने सुसाइड कर लिया था। इससे पहले अतुल ने वीडियो और सुसाइड नोट के माध्यम से अपनी पत्नी निकिता और ससुराल वालों पर उन्हें और उनके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने व प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इस मामले में अतुल के भाई ने निकिता, उसकी मां और भाई समेत चार लोगों के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने के मामले में केस दर्ज करवाया था। वहीं, गिरफ्तारी से बचने के लिए निकिता, उसकी मां और भाई फरार हो गए थे। लेकिन बाद में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, अब निकिता ने जमानत के लिए याचिका दायर की की।

बेंगलुरु कोर्ट में 4 जनवरी को निकिता सिंघानिया (Nikita Singhania) की जमानत के मामले में सुनवाई होनी है। इसको लेकर सोमवार को जमानत याचिका सूचीबद्ध की गई थी। अतुल के वकील आकाश जिंदल ने सोमवार को कहा, “निकिता और उसके परिवार के जमानत आवेदन को आज सूचिबद्ध किया गया था। अतुल ने अपने सुसाइड वीडियो में इस बात का जिक्र किया था कि न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए बच्चे का इस्तेमाल हथियार के तौर पर नहीं होना चाहिए। और ऐसा ही हो रहा है।”

अतुल के वकील ने आगे कहा, “उनके (निकिता) वकील ने आज कहा कि हम पीठ पीछे कस्टडी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह पीठ पीछे नहीं है। मां और पूरी परिवार गिरफ्तार हो चुका है, तो बच्चे की देखभाल के लिए कोई भी नहीं है। उन्हें फरारी के दौरान गिरफ्तार किया गया और अगर कोर्ट से जमानत मिल गई, तो वह बच्चे के साथ फिर फरार होने की कोशिश करेंगी। ऐसे में हमने कहा है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए बच्चे को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। अगली सुनवाई 4 जनवरी को होगी।”

पढ़ें :- पेट्रोल-डीजल और एलपीजी का कोई संकट नहीं...सीएम योगी ने अफसरों को दिया ये निर्देश
Advertisement