Baisakhi 2026 : बैसाखी का पर्व पूरे भारत में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व ऐतिहासिक और धार्मिक फ़सल उत्सव है। इस त्योहार का सिखों के लिए विशेष महत्व है और यह मुख्य रूप से पंजाब में लोकप्रिय है। यह वह अवसर होता है जब कई सिख इस दिन दीक्षा लेते हैं।
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हिंदी पंचांग के अनुसार,यह वैशाख सौर मास का प्रथम दिन होता है। खुशियों और उत्साह से भरे इस त्योहार पर पवित्र नदी में स्नान का बहुत महत्व है। बैसाखी के दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र में मेष राशि को अग्नि तत्व की राशि कहा जाता है और सूर्य भी अग्नि तत्व के ग्रह हैं। बैसाखी पर्व मनाकर लोग प्रकृति द्वारा दिए गए उपहारों के लिए धरती का धन्यवाद करते हैं और आभार प्रकट करते हैं। किसान अपनी कृषि भूमि से आशीर्वाद मांगते हैं और मौसम की अपनी पहली फसल की कटाई शुरू करते हैं।बैसाखी का त्यौहार शुद्ध हृदय और बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
बैसाखी 2026 कब है?
साल 2026 में बैसाखी 14 अप्रैल को मनाई जाएगी
इस दिन वैसाखी संक्रांति का शुभ समय सुबह 9:39 बजे रहेगा
बैसाखी का इतिहास
बैसाखी का दिन सिख धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस दिन साल 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने एक ऐसे समुदाय की रचना की, जो समानता, साहस और भक्ति के मूल्यों पर चलता है। इसी दिन पंज प्यारे की शुरुआत हुई, जिसने सिख समाज में आध्यात्मिक अनुशासन और एकता को मजबूत किया। इस दिन के बाद सिख समुदाय के जीवन और सोच में बड़ा बदलाव आया।