ओडिशा। ओडिशा (Odisha) के बालासोर (Balasore) के एक 20 वर्षीय छात्रा कॉलेज एचओडी के यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) से तंग आकर कैम्पस में ही खुद को आग लगा ली। इस घटना में छात्रा आग में 90 फीसदी तक झुलस गयी थी। जिसके बाद उसकी मौत हो गयी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Lok Sabha Leader of Opposition Rahul Gandhi) ने कहा कि ओडिशा में इंसाफ़ के लिए लड़ती एक बेटी की मौत, सीधे-सीधे BJP के सिस्टम द्वारा की गई हत्या है। उस बहादुर छात्रा ने यौन शोषण (Balasore Sexual Harassment) के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई ,लेकिन न्याय देने के बजाय, उसे धमकाया गया, प्रताड़ित किया गया, बार-बार अपमानित किया गया।
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ओडिशा में इंसाफ़ के लिए लड़ती एक बेटी की मौत, सीधे-सीधे BJP के सिस्टम द्वारा की गई हत्या है।
उस बहादुर छात्रा ने यौन शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई – लेकिन न्याय देने के बजाय, उसे धमकाया गया, प्रताड़ित किया गया, बार-बार अपमानित किया गया।
जिन्हें उसकी रक्षा करनी थी, वही उसे तोड़ते…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 15, 2025
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जिन्हें उसकी रक्षा करनी थी, वही उसे तोड़ते रहे।हर बार की तरह BJP का सिस्टम आरोपियों को बचाता रहा और एक मासूम बेटी को खुद को आग लगाने पर मजबूर कर दिया। ये आत्महत्या नहीं, सिस्टम द्वारा संगठित हत्या है। मोदी जी, ओडिशा हो या मणिपुर में देश की बेटियां जल रही हैं, टूट रही हैं, दम तोड़ रही हैं। और आप? खामोश बने बैठे हैं। देश को आपकी चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए। भारत की बेटियों को सुरक्षा और इंसाफ़ चाहिए।
ओडिशा के बालासोर के एक कॉलेज की 20 वर्षीय छात्रा ने एचओडी की ओर से यौन उत्पीड़न से तंग आकर कैम्पस में ही खुद को आग लगा ली थी। इसका एक वीडियो भी सामने आया था। जिसमें पीड़िता आग की लपटों के बीच नजर आ रही है। वहीं, आत्मदाह के प्रयास के बाद पीड़ित छात्रा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर उसकी मौत हो गयी।
जानकारी के अनुसार, बालासोर के फकीर मोहन ऑटोनॉमस कॉलेज में पढ़ने वाली इंटीग्रेटेड बीएड द्वितीय वर्ष की 20 वर्षीय छात्रा ने शैक्षिक अध्ययन विभाग की सहायक प्रोफेसर (स्टेज-I) समीरा कुमार साहू पर यौन और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई एक्शन नहीं लेने से निराश होकर छात्रा ने कैम्पस में ही खुद को आग लगा ली थी। आग में बुरी तरह झुलसने के बाद पीड़िता को पहले बालासोर जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर 12 जुलाई को एम्स भुवनेश्वर में रेफर किया गया था। जहां पर मंगलवार को छात्रा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
एम्स भुवनेश्वर (AIIMS Bhubaneswar) की ओर से जारी बयान के अनुसार, छात्रा को बर्न्स सेंटर आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था। मरीज को आईवी फ्लूइड, आईवी एंटीबायोटिक्स, ट्यूब लगाकर होश में लाया गया और मेकेनिकल वेंटिलेशन पर रखा गया। बर्न्स आईसीयू में गुर्दे की रिप्लेसमेंट थेरेपी सहित अन्य सभी संभव चिकित्सीय प्रयास के बावजूद, उसे बचाया नहीं किया जा सका। 14 जुलाई को रात 11:46 बजे उसे मेडिकली मृत घोषित कर दिया गया।
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छात्रा की मौत पर ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी (Odisha CM Mohan Charan Majhi) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) ने गहरा दुख जताया है। साथ ही सीएम ने पीड़िता के परिवार को आश्वासन दिया कि छात्रा के सभी दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा मिलेगी। वहीं, मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) ने एम्स भुवनेश्वर पहुंचकर भर्ती छात्रा का हालचाल जाना था। मृतका के पार्थिव शरीर को जब एम्स के पोस्टमार्टम सेंटर ले जाया जा रहा था, तब बीजू जनता दल (BJD) के कार्यकर्ताओं ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
बता दें कि इस मामले में पुलिस ने आरोपी समीर साहू के अलावा फकीर मोहन कॉलेज (Fakir Mohan College) के निलंबित प्रिंसिपल दिलीप घोष (Principal Dilip Ghosh) को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया। इस घटना से बालासोर के लोगों के बीच काफी आक्रोश है। लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कॉलेज प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।