पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव (Bankipur Assembly By-election) में उम्मीदवार बनते ही जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने भाजपा और राज्य सरकार के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। रविवार को पार्टी कार्यालय में उम्मीदवार घोषित होने के बाद उन्होंने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव (Bankipur By-election) केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला चुनाव है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, भाजपा को हराने के लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा, वह करेंगे। प्रशांत किशोर ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
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बिहार में वैकल्पिक राजनीति स्थापित करना एकमात्र लक्ष्य
कहा कि पिछले चार वर्षों से जन सुराज ही उनके जीवन का उद्देश्य रहा है और आने वाले कम से कम दस वर्षों तक भी उनका एकमात्र लक्ष्य बिहार में वैकल्पिक राजनीति को स्थापित करना रहेगा। उन्होंने कहा कि बांकीपुर से चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी को वह व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि जन सुराज के आंदोलन को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानते हैं। उनके अनुसार, वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद जन सुराज के समर्थकों में कुछ निराशा जरूर आई थी, लेकिन बांकीपुर में जीत मिलने पर बिहार में बदलाव की सोच को नई ऊर्जा मिलेगी।
बांकीपुर से उम्मीदवार बनने के बाद प्रशांत किशोर का बयान।#PKforBankipur pic.twitter.com/H7i2UaQRa9
— Jan Suraaj (@jansuraajonline) July 5, 2026
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‘कार्यकर्ताओं और जनता के आग्रह पर चुनाव लड़ रहा हूं’
प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से लगातार पार्टी कार्यकर्ता और बांकीपुर के मतदाता उनसे खुद चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे थे। लोगों का मानना था कि यदि बिहार में राजनीतिक बदलाव लाना है तो उन्हें स्वयं चुनावी मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी भावना का सम्मान करते हुए उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय स्वीकार किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनती है तो वे उनकी अपेक्षाओं और विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
‘बांकीपुर का चुनाव एनडीए सरकार पर जनमत’
प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने उपचुनाव को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के छह महीने के कार्यकाल का जनमत संग्रह करार दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सरकार की नीतियों, कार्यशैली और नेतृत्व पर जनता का फैसला होगा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा यह चुनाव जीतती है तो माना जाएगा कि बिहार की जनता सरकार की नीतियों और कामकाज से सहमत है। लेकिन यदि भाजपा हारती है तो सरकार को स्वीकार करना होगा कि उसकी कार्यप्रणाली और शासन शैली जनता को मंजूर नहीं है।
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सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Choudhary) के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) पहली बार मुख्यमंत्री बने हैं, लेकिन उन्हें जनता ने सीधे इस पद के लिए नहीं चुना था। जनता ने जनादेश नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व में दिया था। उन्होंने दावा किया कि बिहार का एक बड़ा वर्ग वर्तमान नेतृत्व पर भरोसा नहीं करता। उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता राज्य की सबसे जागरूक और राजनीतिक रूप से सजग जनता मानी जाती है। ऐसे में इस चुनाव में मतदाताओं के सामने सरकार की नीतियों का मूल्यांकन करने और सबसे योग्य उम्मीदवार को चुनने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
‘सरकार नहीं बदलेगी, लेकिन राजनीति की दिशा बदल सकती है’
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव (Bankipur By-election) के परिणाम से सरकार नहीं बदलेगी, लेकिन बिहार की राजनीति की दिशा और भविष्य जरूर प्रभावित होगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि वे बिहार की राजनीति में बदलाव चाहते हैं तो जन सुराज के पक्ष में मतदान करें। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेता रामबली चंद्रवंशी, किशोर कुमार मुन्ना, केसी सिन्हा, विधान परिषद सदस्य आफाक अहमद, कुमार सौरव, सुभाष कुशवाहा आदि मौजूद रहे।