भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए यूपी के कई चेहरों को मौका मिला है। सोमवार को गठित हुई नई टीम में दो पुराने मुस्लिम नेताओं को पदाधिकारी बनाया गया है। बीजेपी की नई टीम में तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली (Kunwar Basit Ali) का नाम शामिल है।
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए यूपी के कई चेहरों को मौका मिला है। सोमवार को गठित हुई नई टीम में दो पुराने मुस्लिम नेताओं को पदाधिकारी बनाया गया है। बीजेपी की नई टीम में तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली (Kunwar Basit Ali) का नाम शामिल है। दोनों ही उत्तर प्रदेश से हैं। तारिक मंसूर यूपी विधानपरिषद के सदस्य हैं जबकि बासित अली उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष थे। बता दें कि तारिक मंसूर को 2023 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था। इस बार भी तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
बीजेपी की नई टीम आगामी 2029 लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों के लिए संगठन के लिए काम करेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में कई नए चेहरों को जगह दी गई है। बीजेपी की इस नई टीम का चयन करते हुए उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखा गया है, इसीलिए यूपी से 8 चेहरों को इस टीम में जगह दी गई है जिसमें से 2 मुस्लिम चेहरे हैं।
डॉ. तारिक मंसूर
डॉ. तारिक मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के पूर्व कुलपति रह चुके हैं। बीजेपी ने उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य (MLC) मनोनीत किया था। मंसूर को पार्टी के भीतर बौद्धिक और प्रबुद्ध मुस्लिम चेहरे के रूप में देखा जाता है। वे पसमांदा मुस्लिम समुदाय के बीच बीजेपी की पहुंच को मजबूत करने और नीतियों को पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अब पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह देकर बड़ा संदेश दिया है।
कुंवर बासित अली
बीजेपी ने कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। कुंवर बासित अली लंबे समय से जमीन पर सक्रिय रहे हैं और वे उत्तर प्रदेश बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। बासित अली जमीनी स्तर पर पार्टी की विभिन्न पहलों जैसे ‘कौमी चौपाल’, ‘मदरसों और दरगाहों में योग सत्र’, और ‘मोदी मित्र’ अभियानों का नेतृत्व करते आए हैं। नितिन नबीन के यूपी दौरे के दौरान मुस्लिम समाज और महिलाओं को जोड़ने की रणनीति की अगुवाई भी उन्होंने ही की थी।
क्या यूपी चुनाव पर फोकस?
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जिन दो मुस्लिम नेताओं को जगह दी गई है, वे दोनों ही उत्तर प्रदेश से आते हैं। अगले साल होने वाले यूपी चुनाव से पहले इसे पार्टी की सामाजिक रणनीति माना जा रहा है। एक ओर जहां समाजवादी पार्टी PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर फोकस कर रही है। वहीं बीजेपी के लिए इस फॉर्मूले को चुनौती देना बीजेपी की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है।