पढ़ें :- Intereesting Facts : जब दुनिया को भारत ने सिखाया शैम्पू करना, राजघराने की महिलाएं करती थीं आयुर्वेदिक शैम्पू का इस्तेमाल
बथुआ के पत्ते अमीनो एसिड का समृद्ध स्रोत हैं, जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है और विटामिन ए, बी और सी भी पाए जाते हैं। यह हरी पत्तेदार सब्जी आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत है, जो इसे सर्दियों के दोपहर के भोजन के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है।
बथुआ का साग (Bathua Saag) : पालक और सरसों के साथ मिलाकर या अकेले लहसुन, हरी मिर्च और सरसों के तेल में पकाकर खाएं।
बथुआ का पराठा (Bathua Paratha) : आटे में बथुआ मिलाकर पौष्टिक पराठे बनाएं, लेकिन वजन घटाने के लिए सीमित मात्रा में खाएं।
बथुआ का रायता (Bathua Raita) : उबले और पिसे हुए बथुए को दही, काला नमक, भुना जीरा और थोड़ी चीनी के साथ मिलाकर बनाएं।
दाल के साथ (With Dal) : दाल पकाते समय बथुआ डालें, यह प्रोटीन के अवशोषण को बढ़ाता है और कब्ज दूर करता है।
बथुआ का पानी (Bathua Water): पत्तों को पानी में उबालकर, छानकर, उसमें थोड़ी चीनी या नमक मिलाकर पिएं, यह पेट साफ करता है और गुर्दों के लिए अच्छा है।