महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड में चल रहे जमीन विवाद में मंगलवार को अचानक नया घटनाक्रम सामने आया। 81 वर्षीय असगरअली वोहरा से जुड़े विवादित प्लॉट को लेकर भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी कंपनी सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस ने निर्माण की अनुमति वापस करने का फैसला किया है...
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड में चल रहे जमीन विवाद में मंगलवार को अचानक नया घटनाक्रम सामने आया। 81 वर्षीय असगरअली वोहरा से जुड़े विवादित प्लॉट को लेकर भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी कंपनी सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस ने निर्माण की अनुमति वापस करने का फैसला किया है। कंपनी ने नगर निगम को पत्र देकर अपना कमेंसमेंट सर्टिफिकेट सरेंडर कर दिया और निर्माण परमिट रद्द करने की मांग की।
यह घटनाक्रम वोहरा की 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के कुछ दिन बाद सामने आया है। वोहरा ने पीएम से इस पुराने विवाद में हस्तक्षेप करने के साथ सीबीआई जांच की मांग की थी। दोनों के गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में साथ पढ़ने का दावा भी सामने आया है।
मंत्रालय में हुई बैठक, दोनों पक्ष आमने-सामने
मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रीकर परदेशी ने मंत्रालय में बैठक बुलाई। इसमें असगरअली वोहरा, नरेंद्र मेहता, मीरा-भायंदर नगर निगम आयुक्त राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे शामिल हुए।
इसके बाद सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस ने नगर निगम के असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ टाउन प्लानिंग को पत्र भेजा। कंपनी के मुताबिक उसने 13 जून 2019 को रजिस्टर्ड डीड के जरिए जमीन खरीदी थी और 17 अप्रैल 2026 को वहां निर्माण की अनुमति मिली थी। लेकिन जमीन के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए कंपनी ने परमिट वापस करने का निर्णय लिया। कंपनी ने जमा की गई फीस लौटाने की मांग भी की है।
15 साल से चला आ रहा है जमीन का विवाद
वोहरा का कहना है कि वह करीब 15 वर्षों से अलग-अलग सरकारी विभागों के सामने इस जमीन को लेकर शिकायत करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना जमीन से जुड़े दस्तावेज तैयार किए गए और संपत्ति को दो हिस्सों में दिखाकर अलग-अलग निर्माण कंपनियों के कब्जे में बताया गया। इस विवाद में वोहरा ने स्वयम बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस का नाम लिया है। सेवन इलेवन का संबंध नरेंद्र मेहता से है। मामले में 2015 में पुलिस केस भी दर्ज हुआ था और विवाद अब भी कानूनी प्रक्रिया में है।
मेहता ने पुरानी शिकायत वापस लेने की बात कही
वहीं नरेंद्र मेहता ने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर असगरअली वोहरा और उनके सहयोगी अजय ढोका के खिलाफ पहले दी गई शिकायत वापस लेने की इच्छा जताई है। मेहता के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। 2015 में दर्ज शिकायत में वोहरा और ढोका पर अतिक्रमण और धमकी जैसे आरोप लगाए गए थे। अब शिकायत वापस लेने से संबंधित पत्र अधिकारियों को सौंपे गए हैं। दूसरी ओर, नगर निगम ने मामले में संबंधित कंपनियों को 16 सितंबर को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। फिलहाल जमीन के मालिकाना हक और पुराने आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।