झारखंड में होमगार्ड भर्ती की हो रही ट्रायल रेस में ऐसा दृश्य देखने को मिला है जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। इस ट्रायल रेस में एक महिला नंगे पांव और फटी साड़ी में ही 1600 मीटर की रेस को 6 मिनट में पूरा कर सबको चौंका दिया है।
रांची। झारखंड में होमगार्ड भर्ती की हो रही ट्रायल रेस में ऐसा दृश्य देखने को मिला है जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। इस ट्रायल रेस में एक महिला नंगे पांव और फटी साड़ी में ही 1600 मीटर की रेस को 6 मिनट में पूरा कर सबको चौंका दिया है।
बता दें कि यह दौड़ पूरी करने वाली झारखंड की कविता महतो विधवा महिला हैं। इनके पति की मौत 3 साल पहले हो गयी थी। यह परिवार का भरण पोषण करने के लिए ईंट भट्टा में कार्य करती है। कविता महतो अकेले दो बच्चों और सास-ससुर को पालती हैं।
झारखंड की कविता महतो विधवा महिला है पति की मौत 3 साल पहले हो गया था, ईंट भट्टा में कार्य करती है, अकेले दो बच्चों और सास ससुर को पालती है, 🔥
यह महिला झारखंड में होमगार्ड में भर्ती की ट्रायल रेस हो रही थी, कविता ने नंगे पाँव और फटी साड़ी में ही 1600 मीटर की रेस को 6 मिनिट में जीत लिया,
अभी फ़ाइनल सिलेक्शन रेस बाकि है, उम्मीद है कविता इसको भी निकाल लेगी, ना भी निकाले तो सरकार को इसको नौकरी दी जानी चाहिए,
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कविता महतो के जज़्बे को सलाम, हमारे लोगो में असीमित क्षमता है, लेकिन परिस्थितियों के चलते वह कभी अपनी प्रतिभा दिखा भी नहीं पाती ।
— Ravi Parmar (@raviparmarIN) October 6, 2026
हालांकि अभी फ़ाइनल सिलेक्शन रेस बाकी है। कविता को उम्मीद है इसको भी निकाल लेगी, अगर न भी निकाल पाएं तो सरकार को इनके जज्बे को देखते हुए नौकरी दी जानी चाहिए। अब सोशल मीडिया पर कविता महतो के जज़्बे को सलाम, हमारे लोगों में असीमित क्षमता है, लेकिन परिस्थितियों के चलते वह कभी अपनी प्रतिभा दिखा भी नहीं पाती।
अक्सर लोग कहते हैं कि जब बात बच्चों की आती है, तो मां कभी नहीं हारती। रामगढ़ की कविता महतो सुबह 4 बजे उठकर नंगे पांव, साड़ी में दौड़ की प्रैक्टिस करतीं हैं, फिर ईंट भट्ठे पर मजदूरी। कविता महतो बताती हैं कि होमगार्ड भर्ती की दौड़ में जूते-ट्रैक सूट तक के पैसे नहीं थे। तपती धूप में नंगे पांव मैदान में उतरीं। सोशल मीडिया यूजर्स कह रहे हैं कि ये नौकरी की दौड़ नहीं थी, एक मां की ये अपने बच्चों के भविष्य की दौड़ थी।