सिलीगुड़ी, कूचबिहार। भारत और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा (रेडक्लिफ रेखा) पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (Border Guard Bangladesh) के हजारों जवानों की आक्रामक तैनाती देखने को मिल रही है। पश्चिम बंगाल के निकटवर्ती इलाकों में भारत फेंसिंग (बाड़बंदी) कर रहा है जिसे रोकने के लिए BGB जवान लगातार प्रतिरोध पैदा कर रहे हैं, जिसके कारण दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच काफी संवेदनशील स्थिती बनी हुई है।
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अवैध घुसपैठ रोकने पर तकरार
खबरों के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बंगाल के निकटवर्ती सीमाओं पर अवैध घुसपैठ को पूरी तरह से रोकने के लिए भारतीय सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) ने कंटीले तारों की बाड़ लगाने और भूमि अधिग्रहण का काम तेज कर दिया है। इसी कार्रवाई से बौखलाए बांग्लादेशी उपद्रवियों और BGB के जवानों ने सिलीगुड़ी के फांसीदेवा और कूचबिहार के मेखलीगंज (तीन बीघा कॉरिडोर के पास) में भारतीय जवानों पर पथराव कर दिया।
150 गज के नियम पर अड़ा बांग्लादेश
BGB इस आक्रामकता को अंतरराष्ट्रीय सीमा नियमों का हवाला दे रहा है। उनका दावा है कि ‘नो मैन्स लैंड’ या ज़ीरो लाइन से 150 गज के दायरे में कोई भी स्थायी निर्माण नहीं किया जा सकता है। इसके विपरीत, BSF देश की सुरक्षा और संप्रभुता को सर्वोपरि को ध्यान में रखते हुए घुसपैठ प्रभावित संवेदनशील पैच पर फेंसिंग का काम हर हाल में पूरा करने के लिए वचनबद्ध है।
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फ्लैग मीटिंग के जरिए शांति की कोशिश
हांलाकि, इस पथराव और आमने-सामने की इस तनातनी के बाद भी सीमा पर BSF के वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। दोनों देशों के सेक्टर कमांडरों के बीच आपातकालीन फ्लैग मीटिंग्स (Emergency Flag Meetings) का दौर जारी है ताकि स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाने से रोका जा सके। सीमा सुरक्षा बल के जवान पूरी मुस्तैदी और संयम के साथ सीमा की सुरक्षा कर रहे हैं।