मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने ग्रामीण इलाकों में बदहाल बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर दी है। रहली विकासखंड की ग्राम पंचायत बेरखेड़ी कलां में स्कूली छात्र-छात्राएं हर दिन जान जोखिम में डालकर कोपरा नदी पार करने को मजबूर हैं...
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने ग्रामीण इलाकों में बदहाल बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर दी है। रहली विकासखंड की ग्राम पंचायत बेरखेड़ी कलां में स्कूली छात्र-छात्राएं हर दिन जान जोखिम में डालकर कोपरा नदी पार करने को मजबूर हैं। नदी के बीच बने क्षतिग्रस्त पुल से गुजरते बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज बहाव के बीच छात्राएं ग्रामीणों का सहारा लेकर एक-एक कदम संभलकर पुलिया पार कर रही हैं। जरा-सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती है, लेकिन स्कूल पहुंचने की मजबूरी उन्हें हर दिन इस खतरे का सामना करने पर विवश कर रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, कोपरा नदी पर बनी पुलिया काफी समय से क्षतिग्रस्त है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ते ही यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद बेरखेड़ी कलां और चेनपुरा गांव के अधिकांश विद्यार्थी इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं, क्योंकि यही सबसे छोटा और सीधा मार्ग है।
डबल इंजन सरकार के विकास की असलियत देखिए।
सागर जिले के बेरखेरी कला की बेटियां हर रोज़ अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं यही है वो "विकास" जिसके बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।
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जब शिक्षा तक पहुंचने के लिए बच्चों को अपनी जान दांव पर लगानी पड़े, तो समझ लीजिए कि… pic.twitter.com/29Co3Oform
— Shama Parveen (@ShamaParveen70) August 4, 2026
हालांकि गांव तक पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता भी मौजूद है लेकिन दूरी अधिक होने के कारण अधिकांश लोग उसी क्षतिग्रस्त पुलिया का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पुलिया की मरम्मत कराने की मांग उठाई गई लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। मामला सामने आने के बाद रहली जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रवि पाटीदार ने कहा कि घटना की जानकारी मिल गई है। सहायक यंत्री को मौके पर भेजकर पुलिया का निरीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।