मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर नगर विधानसभा क्षेत्र (94) में मतदाता सूची पुनः निरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां बूथ संख्या 370 के मकान नंबर 27 पर 269 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। यह संख्या पूरे बूथ के लगभग 43 फीसदी के बराबर है, जिसमें कुल 629 पंजीकृत मतदाता हैं।
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इस मकान में दर्ज मतदाताओं में 138 पुरुष और 131 महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि सूची में हिंदू, मुस्लिम और क्रिश्चियन समुदाय के लोग शामिल हैं, जिनके उपनाम ठाकुर, यादव, सिंह, मियां, पीटर, अग्रवाल, वर्मा और श्रीवास्तव तक हैं। जबकि मतदाता असल में अलग-अलग घरों में रहते हैं। मकान मालिक इस स्थिति से परेशान हैं, जबकि मतदाता पुनः निरीक्षण के दौरान BLO को घर-घर जाकर सत्यापन करना था।
जाति-धर्म की पूरी झलक एक पते पर
इन 269 नामों में ठाकुर, सिंह, यादव, राय, मियां, पीटर, अग्रवाल, वर्मा, साह और श्रीवास्तव उपनाम वाले लोग शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में सिर्फ एक मुस्लिम-मुस्ताक मियां का नाम भी इसी पते पर दर्ज है, जबकि उनका घर वहां से करीब आधा किलोमीटर दूर है।
सारे मतदाता उसी गांव के रहने वाले हैं, लेकिन उनके असली घरों के मकान नंबर अलग-अलग हैं। स्थानीय पूर्व वार्ड पार्षद उपेंद्र कुमार ने बताया कि सभी लोग असल में यहां के स्थायी निवासी हैं, बस मतदाता सूची में मकान नंबर गलत दर्ज हो गया है और यह गलती कई सालों से चली आ रही है।
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वोटरों की परेशानी और BLO की सफाई
वोटर ओमप्रकाश कुमार ने कहा कि हमारे पूरे परिवार का नाम भी मकान नंबर 27 के नीचे है, लेकिन असल में हमारा मकान नंबर कुछ और है। वहीं, मुस्ताक मियां ने बताया कि मेरा घर यहां से आधा किलोमीटर दूर है, लेकिन मकान नंबर 27 लिख दिया गया है। इस गड़बड़ी के लिए लोग स्थानीय बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को जिम्मेदार मान रहे हैं। BLO सविता कुमारी ने कहा कि यह पहले से ऐसा है।
मुजफ्फरपुर के चुनाव निबंधक अधिकारी विक्रम विरकर ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में आज भी मकान संख्या आवंटित नहीं है। ऐसे में मकान नंबर सिर्फ औपचारिकता के लिए लिखा जाता है। फिलहाल वोटरों की पहचान की पुष्टि हो चुकी है, इसलिए मकान संख्या का कोई खास महत्व नहीं है।