शिमला। हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा सीट (Mandi Lok Sabha Seat) से भाजपा सांसद और बॉलीवुड एक्टर कंगना रनौत (BJP MP Kangana Ranaut) अक्सर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं। मंडी में आपदा में आने पर देरी से आने पर भी उन पर खासे सवाल उठे। इस दौरान कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के दिए बयानों ने खासी चर्चाएं देखने को मिल रही है। दिल्ली में एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कंगना रनौत ने बड़ी बातें कहीं हैं।
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इस साक्षात्कार में उन्होंने अपनी अब तक सियासी पारी को लेकर ऐसी बातें कहीं, जो एक बार फिर से चर्चा का विषय बनी हैं। कंगना ने मोदी सरकार (Modi Government) में मंत्री पद ना मिलने पर कहा कि वह जिस बैगग्राउंड से वह आती हैं और उन्हें देश का सबसे सर्वोच्च चौथा सम्मान मिला है और नेशनल अवार्ड उनके पास हैं। ऐसे में उन्हें मंत्री पद मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कंगना रनौत (Kangana Ranaut) कहती हैं कि पहली बार चुने सांसदों को वैसे मंत्रीपद नहीं मिलता है, लेकिन ऐसा भी नहीं है, क्योंकि कुछ लोग पहली बार सांसद बनने के बाद मंत्री बने हैं।
कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने बेबाकी से जबाव देते हुए कहा कि सासंदों की सैलरी काफी कम है, क्योंकि जब वह अपने इलाके में जाती हैं तो अपने पीए औऱ ड्राइवर और वहां जाने में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं।
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— Times Algebra (@TimesAlgebraIND) July 15, 2025
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संसदीय क्षेत्र में देरी से आने पर क्या बोली कंगना?
कंगना रनौत (Kangana Ranaut) पर हिमाचल प्रदेश में आपदा के दौरान देरी से आने के आरोप लगे। इस पर वह कहती हैं कि वह बिलकुल भी देरी से नहीं आई थी। वह तो तीन दिन बाद मौके पर पहुंची थी। आपदा के पहले दिन वह नहीं जा सकती हैं। उस दौरान तो आपदा आई थी। कंगना ने सीएम सुक्खू को घेरते हुए कहा कि जिनके पास आपदा का विभाग है वह खुद छह दिन बाद आपदा क्षेत्र में पहुंचे थे। लोग मुझसे सवाल कर रहे हैं, जबकि यह विभाग सीएम का है। वह कहती है कि कंगना के बारे में विपक्ष ने लोगों को भ्रमित किया।
पीएम मोदी से मिलने का वक्त मांगा था, लेकिन अब तक नहीं मिला
कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने कहा कि वह लोगों को झूठी आस नहीं देना चाहती हैं। वह सीधे मुंह पर लोगों से कहती हैं कि यह काम उनका नहीं है। कंगना कहती हैं कि मेरे सीधे बोलने से लोगों को बुरा तो लगेगा, लेकिन उन्हें पता चलेगा कि यह काम किसका है? वह झूठ नहीं बोल सकती हैं। क्योंकि सामने वाले की आंखों में एक उम्मीद होती है। जो लोग कहते हैं कि आपका काम हो जाएगा, वो लोग बेकार और झूठे होते हैं। कंगना ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से मिलने का वक्त मांगा था, लेकिन अब तक मिला नहीं है।
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कैसी होनी चाहिए सांसद की जिंदगी?
कंगना कहती हैं कि मैंने एक साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने काफी काम किया है और मैं चैलेंज करती हूं कि हिमाचल के मंडी से सभी सांसदों के सारे कार्यकाल का लेखा-जोखा दिया। उन्होंने कितना काम किया। उन सबका काम का मेरे काम से तुलना होना चाहिए। आखिर कितने सवाल अन्य सांसदों ने संसद में पूछे? कंगना ने पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बेहद कम संसद आई। वह कहती हैं कि फरवरी में एक ही सेशन में वह संसद नहीं आई थी।
इस दौरान उनकी इमरजेंसी फिल्म को लेकर वह व्यस्त थी। कंगना कहती हैं कि सांसद बनना कोई सेवा नहीं है। सेवा बुजुर्गों और दिव्यांगों की की जाती है। क्या वह अपनी सियासी पारी का लुत्फ ले रही हैं, इस पर कंगना ने सीधे सीधे जवाब नहीं दिया।