Debate over Vande Mataram in Parliament: आज (8 दिसंबर) लोकसभा में देश के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर विशेष चर्चा होने वाली है। लोकसभा की कार्यसूची में ‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा’ को शामिल किया गया है और यह चर्चा 10 घंटे तक चलने वाली है। इस चर्चा से पहले कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पेरेंट ऑर्गनाइज़ेशन ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था। अगर भाजपा आज वंदे मातरम की तारीफ़ कर रही है, तो उनके पाप थोड़े कम हो जाएंगे।
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‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर विशेष चर्चा के दौरान मोदी सरकार इसकी ऐतिहासिकता, स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय प्रासंगिकता पर ज़ोर देगी। इसके अलावा, 1937 में कांग्रेस द्वारा हटाई गई कुछ पंक्तियों को लेकर मुख्य विपक्षी दल को घेरने की भी कोशिश होगी। दूसरी तरफ, कांग्रेस राज्यसभा सेक्रेटेरिएट के बुलेटिन पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी जिसमें ‘वंदे मातरम’ समेत कई नारों को लगाने पर पाबंदी लगाई गयी है। बहस की शुरुआत पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण से होने वाली है। जबकि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दूसरे वक्ता होंगे। विपक्ष की ओर से कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी समेत कई सांसदों के चर्चा में हिस्सा लेने की उम्मीद हैं।
संसद में वंदे मातरम पर बहस पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, “वंदे मातरम, इंडियन नेशनल कांग्रेस और देश की आज़ादी की लड़ाई को अलग नहीं किया जा सकता; वे एक ही हैं। जब देश अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ आज़ादी की लड़ाई लड़ रहा था, तो भाजपा, जो आज सत्ता में है, उसके पेरेंट ऑर्गनाइज़ेशन ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था। वे अंग्रेज़ों की मदद कर रहे थे। अगर भाजपा आज वंदे मातरम की तारीफ़ कर रही है, तो मैं बस इतना कहूंगा कि उनके पाप थोड़े कम हो जाएंगे।”