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गाबा में ऑस्ट्रेलिया का घमंड तोड़ने वाले कप्तान अजिंक्या रहाणे ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से लिया संन्यास, बोले- ये आगे बढ़ने का सही समय

By Abhimanyu 
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Ajinkya Rahane Retirement : भारत के सीनियर बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को तुरंत प्रभाव से इंटरनेशनल क्रिकेट और सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की है। रहाणे लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे थे और आखिरकार उन्होंने संन्यास का ऐलान कर दिया है। सीनियर बल्लेबाज़ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करके कहा कि अब उनके लिए “आगे बढ़ने” का सही समय है।

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38 साल के अजिंक्य रहाणे ने 2013 में शुरू हुए अपने करियर में भारत के लिए कुल 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मैच खेले। इस दौरान उन्होंने कई मौकों पर भारतीय टीम की कमान भी संभाली। जिसमें 2021 में गाबा टेस्ट की ऐतिहासिक जीत भी शामिल है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने छह मैचों में भारत की कमान संभाली, जिसमें टीम ने चार मुकाबले जीते, जबकि दो मैच ड्रॉ रहे। हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ 2023 की अवे टेस्ट सीरीज़ के बाद से वह भारत के लिए नहीं खेले हैं।

रहाणे ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘कैप नंबर 278, अब यहीं विराम। वर्षों तक मिले प्यार और समर्थन के लिए आप सभी का धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा।’ इसके साथ उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “आज मुझे लगता है कि मेरे लिए आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा करने का सही समय है।” नेशनल चयनकर्ताओं की नज़र से दूर होने के बावजूद, रहाणे घरेलू क्रिकेट में एक्टिव रहे हैं और 2024-25 सीज़न तक मुंबई टीम की कप्तानी भी की है।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में उन्होंने कहा, “ज़िंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज़ की शुरुआत होती है और हर चीज़ का अंत भी। जब सही समय आता है, तो आपको बस उसका सम्मान करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने अपनी बैटिंग में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और इसके महत्व को समझा है।” रहाणे ने आगे कहा, “आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फ़ॉर्मेट से संन्यास लेने का सही समय आ गया है। उन शुरुआती दिनों से, जब मैं एक युवा लड़के के तौर पर सिर्फ़ प्रैक्टिस के लिए यात्रा करता था, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी, बैटिंग के हर मौके पर, मेरा सपना हमेशा इंडिया की कैप पहनना ही रहा है।”

रहाणे ने कहा कि अपने करियर के दौरान उन्होंने हमेशा देश और टीम को प्राथमिकता दी और ईमानदारी से खेल खेला। अनुभवी क्रिकेटर ने कहा, “मैं एक साधारण नियम का पालन करता था: हमेशा खुद से ऊपर अपने देश और अपनी टीम को रखना। मैंने यह खेल पूरी ईमानदारी से खेला और मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि अगर आपकी नीयत सही है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा।” क्रिकेटर ने बीसीसीआई, अपने साथी खिलाड़ियों, कोच, आईपीएल फ्रेंचाइजी और उनके परिवार सहित सभी समर्थकों का धन्यवाद किया।

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