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Chaitra Amavasya 2024 : इस दिन रखें चैत्र अमावस्या का व्रत, कौवे और छोटे बच्चों को कराएं भोजन

By अनूप कुमार 
Updated Date

Chaitra Amavasya 2024 : सनातन धर्म में चैत्र अमावस्या का आध्यात्मिक महत्व है। हिंदू कैलेंडर के पहले महीने में पड़ने वाली चैत्र अमावस्या वर्ष की पहली अमावस्या है। इस वर्ष चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024, सोमवार को पड़ने वाली है। यह एक बहुत ही शुभ और महत्वपूर्ण दिन माना जाता है, इसलिए इस दिन महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अनुष्ठान और उपचार किए जाते हैं।

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पौराणिक मान्यता के अनुसार, चैत्र अमावस्या के दिन विष्णु पूजा करने से जीवन से दुख, संकट और नकारात्मकता दूर होती है। पुराणों में उल्लेख किया गया है कि इस शुभ दिन पर गंगा नदी में पवित्र डुबकी लगाने से आपके पाप और बुरे कर्म नष्ट हो जाते हैं।

पितृ दोष को खत्म करने में मदद करता
सनातनधर्मी चैत्र अमावस्या के दिन अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध आदि अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। यह पितृ दोष को खत्म करने में मदद करता है। अगर आप भी जीवन में परेशानियों का सामना कर रहे हैं तो पितृ दोष आपके सभी कष्टों का कारण हो सकता है।

चैत्र अमावस्या तिथि और समय
चैत्र अमावस्या 2024 दिनांक 8 अप्रैल 2024, सोमवार
चैत्र अमावस्या तिथि प्रारंभ, 08 अप्रैल प्रातः 03:21 बजे
चैत्र अमावस्या तिथि 08 अप्रैल को रात 11:50 बजे समाप्त होगी

सरसों का तेल भी चढ़ा सकते
चैत्र अमावस्या के दिन पर व्रत रखें और जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े और गाय का दान करें।
श्राद्ध के बाद ब्राह्मणों, गरीबों, गाय, कुत्ते, कौवे और छोटे बच्चों को भोजन कराएं।
शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का मिट्टी का दीया रखें। आप शनि मंदिर में नीले फूल, काले तिल, काले कपड़े, उड़द की दाल और सरसों का तेल भी चढ़ा सकते हैं।

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चैत्र अमावस्या व्रत के लाभ
इस शुभ दिन पर उपवास करने से समस्याएं दूर होती हैं और जीवन में शांति और सद्भाव आता है।
कहा गया है कि हमारे पूर्वज धरती पर भ्रमण करते हैं। अमावस्या की रात को पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें जल और भोजन अर्पित किया जाता है।

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