Chausath Yogini Temple Morena : भारत के रहयमयी मंदिरों की श्रंखला में मितावली के चौसठ योगिनी के अद्भुत मंदिर को 11वीं सदी में कच्छपघात राजा देवपाल ने बनवाया था। ग्वालियर से करीब 40 किलोमीटर दूर, मुरैना जिले का यह छोटा सा गांव है मितावली। राजा देवपाल के समय में यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं था, बल्कि यह सूर्य के पारगमन पर आधारित ज्योतिष, खगोल विज्ञान और गणित की उच्च शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र भी था।
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क्या आप जानते हैं कि भारत का पुराना संसद भवन (Parliament House) दिल्ली में बनने से पहले ही, मध्य प्रदेश के एक सुनसान पहाड़ पर मौजूद था? जी हां, हम बात कर रहे हैं मुरैना के मितावली में स्थित चौसठ योगिनी मंदिर की। सदियों पुराना एक ऐसा मंदिर जिसे तांत्रिकों की यूनिवर्सिटी कहा जाता था, जहाँ रात में रुकने की इजाजत आज भी किसी को नहीं है। लेकिन क्यों? आइए जानते हैं इस रहस्यमयी सफर में!
यह अद्भुत मंदिर 11वीं सदी में कच्छपघात राजा देवपाल ने बनवाया था। जब आप इसे देखेंगे, तो दंग रह जाएंगे। यह मंदिर बिल्कुल गोल (Circular) है। इसके बाहरी हिस्से में 64 छोटे-छोटे कमरे बने हैं और हर कमरे में एक शिवलिंग और योगिनी की मूर्ति स्थापित थी। मंदिर के ठीक बीच में एक मुख्य मंडप है, जहाँ भगवान शिव विराजमान हैं। कहते हैं, ब्रिटिश आर्किटेक्ट लुटियंस ने इसी मंदिर को देखकर भारत के संसद भवन का डिज़ाइन चुराया था, हालांकि इतिहासकार इस पर अलग-अलग राय रखते हैं।
लेकिन इस मंदिर का असली रहस्य इसकी बनावट नहीं, बल्कि इसका मकसद है। प्राचीन काल में यह कोई आम मंदिर नहीं था। यह तंत्र-मंत्र, ज्योतिष और गणित की शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र था। विदेशी सैलानी भी यहाँ तांत्रिक विद्या सीखने आते थे। इन 64 कमरों में मां काली के 64 रूपों (योगिनियों) की मूर्तियां थीं, जिनके पास असीमित शक्तियां मानी जाती थीं। कहा जाता है कि तांत्रिक यहाँ योगिनियों को जाग्रत करने के लिए खौफनाक साधनाएं करते थे। यह मंदिर काले ग्रेनाइट पत्थरों से बना है और यहाँ आज भी अधिकांश योगिनियों की मूर्तियाँ अपने मूल रूप में सुरक्षित हैं। इन मूर्तियों के अलग-अलग रूप, वाहन और आभूषण तंत्र साधना की गहरी शैलियों को दर्शाते हैं।
विज्ञान इसे सिर्फ एक ऐतिहासिक इमारत मानता है, लेकिन आस्था और रहस्यों को मानने वालों के लिए यह आज भी एक अनसुलझी पहेली है। आपको क्या लगता है, क्या वाकई संसद भवन का डिज़ाइन यहीं से लिया गया था?