सीओ जियाउल हक हत्याकांड ( CO Zia-ul-Haq Murder Case) में सीबीआई के विशेष कोर्ट लखनऊ (CBI Special Court, Lucknow) ने शनिवार को जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (Raghuraj Pratap Singh (alias Raja Bhaiya), National President of Jansatta Dal and MLA from Kunda) समेत पांच लोगों को बड़ी राहत दी।
नई दिल्ली। सीओ जियाउल हक हत्याकांड ( CO Zia-ul-Haq Murder Case) में सीबीआई के विशेष कोर्ट लखनऊ (CBI Special Court, Lucknow) ने शनिवार को जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (Raghuraj Pratap Singh (alias Raja Bhaiya), National President of Jansatta Dal and MLA from Kunda) समेत पांच लोगों को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने इनके खिलाफ चल रही कार्यवाही रद्द कर दी है। दिवंगत सीओ की पत्नी ने इस प्रकरण में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट (CBI’s Closure Report) का विरोध किया था। साथ ही इस मामले में सभी आरोपियों की भूमिका की दोबारा जांच की मांग की थी।
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह (Special Judicial Magistrate Pratibha Singh) के कोर्ट ने पर्याप्त कारण न होने का हवाला देते हुए राजा भैया, उनके मीडिया प्रभारी हरिओम श्रीवास्तव, सपा नेता गुलशन यादव, गुड्डू सिंह व रोहित सिंह पर आगे की कार्यवाही समाप्त कर दी। दिवंगत सीओ की पत्नी परवीन आजाद कोर्ट में काेई लिखित और मौखिक साक्ष्य नहीं दे सकीं जिससे आरोपियों पर दोष सिद्ध हो सके।
प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर में दो मार्च 2013 को ग्राम प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद तत्कालीन सीओ जियाउल हक मौके पर पहुंचे थे। यहां सीओ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में लखनऊ के विशेष सीबीआई कोर्ट ने नौ अक्तूबर 2024 को दस आरोपियों फूलचंद यादव, पवन यादव, मंजीत यादव, घनश्याम सरोज, रामलखन गौतम, छोटेलाल यादव, राम आसरे, पन्नालाल पटेल, शिवराम पासी व जगत बहादुर पटेल को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी।
उधर, जियाउल हक की पत्नी ने इस प्रकरण में पहले दाखिल सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट का विरोध किया था। उन्होंने राजा भैया समेत अन्य नामजद लोगों की भूमिका की फिर से जांच की मांग रखी थी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। सुप्रीम आदेश के बाद सीबीआई ने अक्तूबर 2023 में मामले की दोबारा जांच शुरू की थी। हत्याकांड में राजा भैया की भूमिका को दोबारा खंगाला गया। इसके बाद सीबीआई ने दिसंबर 2023 में दोबारा क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
राजा भैया बोले… सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं
सीबीआई के विशेष कोर्ट (CBI Special Court) के फैसले के बाद शनिवार देर शाम जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कुंडा विधायक राजा भैया (Raja Bhaiya, National President of Jansatta Dal and MLA from Kunda) ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन कभी पराजित नहीं हो सकता। जनसत्ता दल के नेता दिनेश तिवारी ने बताया कि कोर्ट के फैसले से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में खुशी है।
बाबागंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख हितेश प्रताप सिंह (Hitesh Pratap Singh, former Block Pramukh of Babaganj) ने कहा कि सीबीआई (CBI) से पहले भी क्लीनचिट मिली थी। दोबारा क्लीनचिट मिलने से समर्थकों में हर्ष का माहौल है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व बाबागंज विधायक विनोद सरोज, कुंडा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष सिंह, पंकज सिंह, विनोद यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कुलदीप पटेल, पंकज यादव, हर्षवर्धन सिंह ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।