लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में अपनी हार से बौखलाई भाजपा सरकार प्रदेश के मतदाताओं को हर तरह से परेशान करके बदला लेने पर उतारू हो गई है। भीषण गर्मी से तपते माहौल में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का मुख्यमंत्री जी का दावा महज खोखला है। लोगों का पसीना बह रहा है। बिजली पानी का संकट गहराता जा रहा है। लाखों परिवार बिलख रहे हैं। भाजपा सरकार इसके बाद भी बिजली दरें दोगुनी कर रही है। गांव-शहर की बिजली दरें भी अलग-अलग करके जनता की कमर तोड़ने की साज़िश है।
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अखिलेश यादव ने कहा कि देश में विद्युत उपभोक्ता कानून 2020 लागू होने से 24 घंटे विद्युत आपूर्ति पाने का हर उपभोक्ता अधिकारी हो गया है। ऐसे में ग्रामीण और शहरी आपूर्ति की दरों में बढ़ोत्तरी नियम संगत कैसे हो सकती है? वैसे भी कानून के तहत ग्रामीण फीडर के शहरी फीडर में परिवर्तन की घोषणा का अधिकार मुख्यमंत्री जी का है। पावर कारपोरेशन ने क्या मुख्यमंत्री जी का अधिकार भी अधिग्रहित कर लिया है?
उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण इलाकों को मिलने वाली बिजली को महंगी करने की साजिश के तहत ग्रामीण फीडर को शहरी फीडर में बदलने से उपभोक्ताओं को दो रुपये प्रति यूनिट बिजली महंगी मिलेगी। इस फैसले से करीब 2 करोड़ 85 लाख उपभोक्ता प्रभावित होंगे। ग्रामीण इलाकों में घरेलू उपभोक्ताओं को 3.35 रूपये यूनिट की दर से बिजली की कीमत चुकानी होती है जबकि शहरी इलाकों में यह कीमत 5.50 रूपए प्रतियूनिट है। जनता के साथ यह धोखा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सच तो यही है कि भाजपा को गांव-गरीब से कोई सहानुभूति नहीं है। वह पूंजी घरानों की हितचिंतक है। उसकी नीतियां सम्पन्न वर्ग को और सम्पन्न तथा गरीब को और गरीब बनाती है। भाजपा ने जनसामान्य की जिंदगी दूभर कर दी है। भीषण गर्मी के दिनों में लोगों का जीना हराम हो गया है।