गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार गोरखपुर में AIIMS की स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार देने के क्रम में आज 500 बेड के ‘पावरग्रिड विश्राम सदन’ का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने AIIMS गोरखपुर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का हब बनाने का आह्वान किया, जिससे टेली कंसल्टेशन के माध्यम से अन्य मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
पढ़ें :- मंत्रीगण सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग या फिर सार्वजनिक परिवहन का करें उपयोग: सीएम योगी
AIIMS, गोरखपुर में 500 बेड के 'पावरग्रिड विश्राम सदन' के भूमि पूजन एवं शिलान्यास हेतु आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/qOW4lwECnM
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 18, 2025
साथ ही कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से वर्ष 2016 में AIIMS के रूप में जो बीज गोरखपुर में रोपा गया था, आज वह वटवृक्ष बनकर हजारों मरीजों को आरोग्यता के साथ ही उन्हें नया जीवन देने का केंद्र बन चुका है।
पढ़ें :- केरल के मुख्यमंत्री के नाम का कल हो जाएगा एलान, कई दौर की बैठक के बाद नाम पर लगी मुहर
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के कर-कमलों से वर्ष 2016 में AIIMS के रूप में जो बीज गोरखपुर में रोपा गया था, आज वह वटवृक्ष बनकर हजारों मरीजों को आरोग्यता के साथ ही उन्हें नया जीवन देने का केंद्र बन चुका है।
उसी AIIMS, गोरखपुर की स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार हेतु आज… pic.twitter.com/DVclyELQgc
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 18, 2025
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर की सबसे बड़ी पहचान उसकी संवेदना होती है। यदि किसी डॉक्टर के मन में संवेदना नहीं है तो वह डॉक्टर कहलाने का अधिकारी है या नहीं, इस पर विचार होना चाहिए। उसकी पहचान ही संवेदना से है। चिकित्सक की संवेदना गंभीर से गंभीर मरीज की आधी बीमारी को दूर कर सकती है।