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बिना पेड़-लकड़ी के निर्मित ईको-फ्रेंडली ‘कॉपियो’ कॉपियर पेपर लॉन्च, सीएम योगी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की मूल भावना धरातल पर साकार

जब पूरी दुनिया पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। तब प्रकृति के साथ विकास का संतुलन ही भविष्य का सबसे बड़ा मंत्र बन गया है। इसी सोच को साकार करते हुए मेसर्स क्वांटम पेपर्स और लखनऊ पेपर डिस्ट्रीब्यूटर्स ने राजधानी लखनऊ के होटल क्लार्क अवध में बिना पेड़ और लकड़ी के निर्मित ईको-फ्रेंडली 'कॉपियो' (Kopio) कॉपियर पेपर का शुभारंभ किया।

By santosh singh 
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लखनऊ: जब पूरी दुनिया पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। तब प्रकृति के साथ विकास का संतुलन ही भविष्य का सबसे बड़ा मंत्र बन गया है। इसी सोच को साकार करते हुए मेसर्स क्वांटम पेपर्स और लखनऊ पेपर डिस्ट्रीब्यूटर्स ने राजधानी लखनऊ के होटल क्लार्क अवध में बिना पेड़ और लकड़ी के निर्मित ईको-फ्रेंडली ‘कॉपियो’ (Kopio) कॉपियर पेपर का शुभारंभ किया। यह केवल एक नए उत्पाद की लॉन्चिंग नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश है।

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मुख्य अतिथि नटवर गोयल ने कॉपियर पेपर का अनावरण करते हुए कहा कि यह उत्पाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की मूल भावना को धरातल पर साकार करता है। इस कागज के निर्माण में न तो किसी लकड़ी का उपयोग किया गया है और न ही किसी पेड़ या जंगल की कटाई की गई है। उद्योग जगत की ऐसी पहलें जंगलों के कटान को रोकने में क्रांतिकारी भूमिका निभाएंगी।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए क्वांटम पेपर्स के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर संजय खोसला एवं लखनऊ पेपर डिस्ट्रीब्यूटर्स के संचालक आईडी गोयल ने बताया कि ‘कॉपियो’ कॉपियर पेपर को अत्याधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीक से तैयार किया गया है। यह उच्च गुणवत्ता वाला कॉपियर पेपर प्रिंटिंग और फोटोकॉपी के उच्चतम मानकों को पूरा करता है, जिससे उपभोक्ताओं को एक बेहतर, टिकाऊ और पर्यावरण हितैषी विकल्प मिलेगा।

विशिष्ट अतिथि पुष्पिंदर कुमार ने कहा कि आज आवश्यकता केवल नए उत्पादों की नहीं, बल्कि ऐसी सोच और तकनीक की है जो विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करे। ‘कॉपियो’ केवल एक कॉपियर पेपर नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। यह एक ऐसी क्रांति की शुरुआत है, जो समाज में पर्यावरण के प्रति नई चेतना जगाएगी और लोगों को ईको-फ्रेंडली उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। यदि प्रत्येक व्यक्ति और संस्थान ऐसे प्रयासों का हिस्सा बने, तो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक सुरक्षित, हरित और समृद्ध भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों से आए वितरकों, स्टेशनरी व्यवसायियों एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों को उत्पाद की निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों तथा वितरण प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘कॉपियो’ केवल एक नया कॉपियर पेपर नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई सोच और हरित क्रांति का प्रतीक बनेगा। बिना पेड़ों की कटाई के तैयार किया गया यह उत्पाद समाज में पर्यावरण के प्रति सकारात्मक बदलाव लाने, लोगों को ईको-फ्रेंडली उत्पाद अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा वनों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल उद्योग जगत के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण बनेगी कि आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।

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