लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी (Uttar Pradesh Congress Party) ने अपने अधिकारिक एक्स पर गाजियाबाद का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि जुमलों की गैस बहुत हुई, अब असली सिलेंडर दो भाजपा सरकार (BJP Government)। बता दें कि उत्तर प्रदेश में रसोई गैस के लिए मची यह त्राहि-त्राहि भाजपा के ‘सुशासन’ के दावों की हवा निकाल रही है। सिलेंडर के लिए 400 मीटर लंबी लाइनें, बाराबंकी में अपनों से भिड़ती जनता और गाजियाबाद में ट्रक पर टूटते लोग-क्या यही है ‘अमृत काल’ की हकीकत?
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जुमलों की गैस बहुत हुई, अब असली सिलेंडर दो भाजपा सरकार!
उत्तर प्रदेश में रसोई गैस के लिए मची यह त्राहि-त्राहि भाजपा के 'सुशासन' के दावों की हवा निकाल रही है। सिलेंडर के लिए 400 मीटर लंबी लाइनें, बाराबंकी में अपनों से भिड़ती जनता और गाजियाबाद में ट्रक पर टूटते लोग—क्या यही है… pic.twitter.com/BIvMpuZ0V4
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पार्टी ने लिखा कि जब जनता एक-एक सिलेंडर के लिए सड़कों पर धक्के खा रही है और कालाबाजारी चरम पर है, तब गैस कंपनियां निर्लज्जता से किल्लत से इनकार कर रही हैं। योगी जी, ‘सख्त निर्देश’ और ‘मॉनिटरिंग’ के कागजी दावों से जनता का चूल्हा नहीं जलता। डबल इंजन की सरकार में गरीब की थाली से रोटी और रसोई से गैस दोनों गायब हो चुके हैं।
चेन्नई में मज़दूर चूल्हा फूंकने को मजबूर, भाजपा का ‘उज्ज्वला’ हुआ चकनाचूर
कांग्रेस पार्टी ने लिखा कि चेन्नई में मज़दूर चूल्हा फूंकने को मजबूर, भाजपा का ‘उज्ज्वला’ हुआ चकनाचूर। बता दें कि चेन्नई की एलएनटी (L&T) कंपनी में यूपी और बिहार के मज़दूरों का देशी तरीके से खाना बनाने को मजबूर होना, मोदी सरकार के ‘उज्ज्वला’ और ‘विकसित भारत’ के दावों की पोल खोलता है। चेन्नई जैसे महानगर में भी जब देश का पेट भरने वाला मज़दूर गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण चूल्हा फूंकने को मजबूर हो जाए, तो समझ लीजिए कि भाजपा का ‘अमृत काल’ सिर्फ कागज़ी है।
चेन्नई में मज़दूर चूल्हा फूंकने को मजबूर, भाजपा का 'उज्ज्वला' हुआ चकनाचूर!
चेन्नई की एलएनटी (L&T) कंपनी में यूपी और बिहार के मज़दूरों का देशी तरीके से खाना बनाने को मजबूर होना, मोदी सरकार के 'उज्ज्वला' और 'विकसित भारत' के दावों की पोल खोलता है। चेन्नई जैसे महानगर में भी जब देश… pic.twitter.com/XiM3m5FC7r
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जुमलों की गैस से पेट नहीं भरता मोदी जी, इन मेहनतकशों को हकीकत में सिलेंडर की ज़रूरत है
कांग्रेस ने कहा कि 21वीं सदी में श्रमिकों को वापस पुराने युग में धकेलना भाजपा की सबसे बड़ी प्रशासनिक विफलता है। जुमलों की गैस से पेट नहीं भरता मोदी जी, इन मेहनतकशों को हकीकत में सिलेंडर की ज़रूरत है।