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मोदी सरकार की विदेश नीति पर खरगे ने उठाया सवाल, बोले- ‘मैं देश नहीं झुकने दूंगा’ के नारे और हकीकत में फर्क

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Congress president Mallikarjun Kharge) ने भारत की विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि ‘मैं देश नहीं झुकने दूंगा’ आज जो हो रहा है, वो बिलकुल उसका उल्टा है। दो ताज़ा उदाहरण 5 साल से लगा चीनी कंपनियों पर बैन हटाया जा रहा है।

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गलवान में भारतीय वीर सैनिकों ने जो आहुति दी, उनके बलिदान का अपमान तो मोदी जी चीन को क्लिन चीट (CLEAN CHIT) थमाकर किया था। अब चीनी कंपनियों के लिए ‘लाल कार्पेट’ बिछाकर, वो ये दिखा रहे हैं कि उनकी ‘लाल आंख’ में चीनी ‘लाल रंग’ कितना गहरा है।

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अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दूसरा उदाहरण देते हुए उन्होंने लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप रोजाना भारत द्वारा रूसी तेल निर्यात पर टिप्पणी कर रहें हैं। पर मोदी जी चुप हैं। अपनी नजरें चुरा रहे हैं। “सर” वाली बात “सरेंडर” ज़्यादा दिखती है। हमारे लिए विदेश नीति मतलब, राष्ट्र हित सर्वोपरि होना ज़रूरी है। पर मोदी सरकार ने हमारी Non-Aligned और Strategic Autonomy की विदेश नीति को गहरी चोट पहुंचाई है। मोदी सरकार की विदेश नीति एक Wild Pendulum की तरह कभी इधर, कभी उधर झुलती है और इसका नुक़सान भारत की जनता को हो रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने इससे पहले भी सरकार को घेरते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री के दावों के विपरीत, सीमा पर चीन की आक्रामकता बरकरार है और पड़ोसी देशों में भारत का प्रभाव घट रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि वे देश नहीं झुकने देंगे, लेकिन चीन हमारे क्षेत्रों में घुसपैठ कर रहा है और सरकार चुप्पी साधे बैठी है। क्या यह ‘झुकना’ नहीं है?

चीन सीमा विवाद और ‘चुप्पी’ पर सवाल

विपक्ष का सबसे तीखा हमला लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियों को लेकर रहा। मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि डेमचोक और डेपसांग जैसे क्षेत्रों में हमारे सैनिकों की गश्त प्रभावित हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री दुनिया को यह बता रहे हैं कि सब कुछ ठीक है। यह देश की अखंडता के साथ समझौता है।

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