नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा नेलसनार (Dantewada Nelasnar to Gangalore) से गंगालूर तक की गुणवत्ताहीन सड़क की पोल खोलने की कीमत बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्रकार (Journalist Mukesh Chandrakar) ने जान देकर चुकाई। पत्रकार मुकेश चंद्रकार (Journalist Mukesh Chandrakar) की नृशंस हत्या का मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्रकार (Main accused contractor Suresh Chandrakar) और विभागीय अधिकारियों ने भ्रष्टाचार का बड़ा खेल किया है।
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52 किमी को इस सड़क के 32 किमी हिस्से के निर्माण के लिए सुरेश के साथ 61 प्रतिशत ऊंची दर पर 141 करोड़ रुपए का किया अनुबंध
52 किमी को इस सड़क के 32 किमी हिस्से के निर्माण के लिए सुरेश के साथ 61 प्रतिशत ऊंची दर पर 141 करोड़ रुपए का अनुबंध किया गया था, जबकि उसने निर्माण केवल 4 किमी ही किया, वह भी गुणवत्ताहीन और उसे अभी तक 116 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इतना ही नहीं सुरेश चंद्रकार (Suresh Chandrakar) ने 4 किमी का जो निर्माण जून 2024 में पूरा हुआ, अगली ही बारिश में इसका बड़ा हिस्सा बह भी गया। इसी का खुलासा करना मुकेश के लिए जानलेवा साबित हो गया।
2 हिस्से का ही काम पूरा और 5 हिस्सों का काम जारी, लोक निर्माण विभाग ने कुल अनुबंध का 80 प्रतिशत भुगतान किया
बता दें कि ठेकेदार सुरेश चंद्रकार (Contractor Suresh Chandrakar) द्वारा 32 किमी की सड़क का काम 16 हिस्सों में किया जाना था। अब तक उसने केवल 2 हिस्से का ही काम पूरा किया और 5 हिस्सों का काम अभी चल रहा है, लेकिन इसके एवज में लोक निर्माण विभाग उसे अब तक कुल अनुबंध का 80 प्रतिशत भुगतान कर चुका है। यानी जो काम अभी शुरू भी नहीं हुआ है, उसका भी भुगतान किया जा चुका है।
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सड़क निर्माण की आड़ में जंगल को पहुंचाया नुकसान
इधर, इस सड़क निर्माण की आड़ में ठेकेदार सुरेश ने जंगल को भी बड़ा नुकसान पहुंबाया है। उसने सड़क पर मुरूम बिछाने के लिए जंगलों में खुदाई कर दी। मनमाने ढंग से इमारती लड़कियों से भरे जंगल में जेसीबी (JCB) लगाकर नेतरतीब ढंग से खुदाई की। इससे कई बड़े वृक्षों की जड़ों को नुकसान पहुंचा है। करीब 500 पेड़ सूखकर गिर चुके हैं। हालांकि वन विभाग की नजर अब तक यहां पड़ी है।
सवालों के घेरे में सब इंजीनियर, एसडीओ
सब इंजीनियर, एसडीओ सवालों के घेरे में कार्य से ज्यादा भुगतान मामले में इस सड़क के सब इंजीनियर और एसडीओ सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने वास्तविक कार्य से अधिक की एमबी रिकार्ड कर उसका भुगतान सुरेश चंद्रकार (Suresh Chandrakar) को कर बड़ा लाभ पहुंचाया है। मुकेश की हत्या के भूल में सड़क निर्माण में हुआ भ्रष्टाचार ही था और हत्या में प्रत्यक्ष रूप से लिप्त आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है, लेकिन इसके पीछे अप्रत्यक्ष रूप से शामिल लोग भी अब सवालों से बच नहीं सकते।
दो बार रिवाइज कर लागत दोगुना कर दी इस्टीमेट पहुंचाया 188 करोड़
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इस सड़क की कुल लंबाई 52 किलोमीटर है जिसका इस्टीमेट दो इसकी लागत दोगुना कर दी गई। इसमें 32 किमी का काम सुरेश चंद्रकार को और 20 किमी का काम 4 अन्य ठेकेदारों को मिला था। 32 किमी का अनुबंध 141 करोड़ में और 20 किमी का 47 करोड़ में किया गया है। सर्वाधिक पुलियों और घाट कटिंग का काम सुरेश के कार्य वाले हिस्से में ही आए हैं। विभाग के एक बड़े अफसर ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि केंद्रीय टीम ने स्थल निरीक्षण किए बिना गूगल मैप (Google Map) देखकर इस्टीमेट तैयार कर लिया था लेकिन काम शुरू होने पर बदलाव करना पड़ा, जिसमे लागत बढ़ गई।