Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. अजमेर शरीफ दरगाह को हिंदू मंदिर बताने वाली याचिका को कोर्ट ने किया स्वीकार, पक्षकारों को नोटिस जारी

अजमेर शरीफ दरगाह को हिंदू मंदिर बताने वाली याचिका को कोर्ट ने किया स्वीकार, पक्षकारों को नोटिस जारी

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। राजस्थान में अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका को अजमेर सिविल कोर्ट ने सुनने योग्य माना है। कोर्ट में यह याचिका हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता की ओर से लगाई गई थी। जज मनमोहन चंदेल ने यह दावा करती याचिका को स्वीकार कर लिया है।

पढ़ें :- Asian Games Update : शूटिंग में इलावेनिल, विदर्शा और सोनम की तिकड़ी ने भारत को दिलाया पहला मेडल, महिला हॉकी टीम ने उज़्बेकिस्तान को 19-0 से रौंदा

इस केस में दरगाह का ASI सर्वे कराए जाने की मांग की गई है, ताकि सबूत जुटाकर पता लगाया जा सके कि अजमेर दरगाह पहले मंदिर थी या नहीं। कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के बाद नोटिस के निर्देश जारी किए।

हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता ने दावा किया है कि अजमेर की दरगाह पहले हिंदू संकट मोचन मंदिर हुआ करती थी और इसके समर्थन में उन्होंने दस्तावेज और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि  हर विलास शरदा की एक पुस्तक में भी इस मंदिर का उल्लेख मिलता है।

विष्णु गुप्ता ने अदालत में विभिन्न अन्य दस्तावेज भी पेश किए और मांग की कि अजमेर दरगाह का सर्वेक्षण किया जाए और इसकी मान्यता को रद्द कर हिंदू समाज को यहां पूजा करने का अधिकार दिया जाए। कोर्ट के आदेश के अनुसार, अजमेर दरगाह कमेटी, अल्पसंख्यक विभाग और एएसआई को नोटिस जारी किए जाएंगे। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने वकील रामनिवास बिश्नोई और ईश्वर सिंह के मार्फत कोर्ट में वाद दायर किया था।

 

पढ़ें :- IND vs BAN Semi Final: कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, फाइनल में जगह पक्की करने उतरी टीम इंडिया

 

Advertisement