पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: जनपद में साइबर अपराध पर कड़ी निगरानी रखते हुए साइबर थाना पुलिस ने नेपाल कनेक्शन वाले एक साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने साइबर ठगी की धनराशि अपने खातों में मंगाकर निकासी करने वाले दो आरोपियों—सोनौली के सभासद पति और उनके पुत्र—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि गिरोह से जुड़े दो सदस्य अभी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है।
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पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन एवं नोडल अधिकारी साइबर क्राइम/एएसपी के मार्गदर्शन में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी फरेंदा दीपशिखा के पर्यवेक्षण में साइबर थाना पुलिस ने 27 मई 2026 को दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ऐसे करते थे साइबर फ्रॉड
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोगों को डॉलर एक्सचेंज कर भारतीय मुद्रा खाते में भेजने का लालच देते थे। इसी बहाने साइबर ठगी से प्राप्त रकम अपने व परिचितों के खातों में मंगाकर उसकी निकासी कर लेते थे। निकाली गई धनराशि गिरोह के सदस्यों में आपस में बांट दी जाती थी।
मोबाइल व नेपाली सिम कार्ड बरामद
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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और एक नेपाली सिम कार्ड जब्त किया है, जो नेपाल कनेक्शन की पुष्टि करता है।
गिरफ्तार आरोपी
अकिल पुत्र जैनुल्लाह, निवासी वार्ड नंबर-11 जुगौली, थाना सोनौली, महराजगंज
तौसिफ पुत्र अकिल, निवासी वार्ड नंबर-11 जुगौली, थाना सोनौली, महराजगंज
दोनों आरोपियों के विरुद्ध साइबर क्राइम थाना महराजगंज में धारा 318(4), 61(2)(बी) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पुलिस टीम को मिली सफलता
गिरफ्तारी करने वाली टीम में—निरीक्षक सजनू यादव, उपनिरीक्षक सचिन कुमार, कांस्टेबल पियूषनाथ तिवारी, प्रदीप कुमार व संतोष शर्मा शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश जारी है तथा साइबर फ्रॉड के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।