New Delhi: देश की राजधानी के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। यहाँ एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग के कारण 21 लोगों की जिंदा जलकर और दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। हालांकि, इस हादसे के बाद जो सच सामने आया है, उससे साफ है कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सीधे-सीधे मौत को दावत दी गई थी।
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नियमों की धज्जियां उड़ाकर बना दिया ‘मौत का कुआं’
हिन्दुस्तान लाइव की रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से इस हादसे के पीछे प्रशासन और होटल मालिक की तीन सबसे बड़ी लापरवाहियां सामने आई हैं
मंजूरी 6 की, कमरे बना दिए 24
‘फ्लरिश इन’ नाम के इस होटल को ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ मॉडल के तहत सिर्फ 6 कमरे चलाने का लाइसेंस मिला था। लेकिन लालच में आकर यहाँ नियमों को ताक पर रखकर चार गुना ज्यादा यानी 24 कमरे बना दिए गए, जो हादसे के वक्त पूरी तरह बुक थे।
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फायर एनओसी गायब
इतने बड़े कमर्शियल सेटअप के बावजूद होटल के पास ‘फायर एनओसी’ (फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट) तक नहीं था। आग से निपटने या लोगों को चेतावनी देने के कोई इंतजाम नहीं थे।
रास्ता एक और बेसमेंट में ताला
पूरी इमारत में अंदर आने और बाहर जाने के लिए सिर्फ एक ही संकरा गेट था। हद तो तब हो गई जब आग लगी तो बेसमेंट के दरवाजे पर ताला जड़ा हुआ था, जहाँ कई लोग फंसे थे। रेस्क्यू टीम ने कटर से ताला तोड़कर लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
खिड़कियों से कूदकर बचाई जान, मरने वालों में विदेशी भी शामिल
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Death toll rises to 20 in #MalviyaNagar tragedy
People keep mattress on the ground to save lives as fire engulfs building
Warning
: Disturbing visuals https://t.co/Nz7D4Lf7dd pic.twitter.com/kz3Zd6weRW — Karan Singh / करन सिंह (@Journo_Karan) June 3, 2026
रिपोर्ट के अनुसार इस होटल में ज्यादातर वो लोग रुकते थे, जो पास के बड़े प्राइवेट अस्पतालों में अपना या परिजनों का इलाज कराने दिल्ली आए थे। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोग कमरों के भीतर ही फंस गए। दम घुटने और जिंदा जलने के कारण चीख-पुकार मच गई। कुछ लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए तीसरी और चौथी मंजिल की खिड़कियों से नीचे छलांग लगा दी। फिलहाल पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मामले की जांच कर रही है और अवैध रूप से होटल चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।