पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक अभ्यार्थियों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने एलान किया कि, शिक्षक भर्ती में अब पहले बिहार के लोगों को ही मौका मिलेगा। नीतीश कुमार के इस एलान के बाद तेजस्वी यादव का बयान आया है। उन्होंने कहा कि, अपार प्रसन्नता का विषय है कि वैचारिक रूप से दिवालिया NDA सरकार बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की हमारी मांग को एकदम सिरे से खारिज करती थी, सदन में किसी भी सूरत में डोमिसाइल नीति लागू नहीं करने का दंभ भरती थी अब वही लोग हमारी अन्य योजनाओं की भांति इस घोषणा की भी नकल कर रहे है।
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उन्होंने आगे कहा, स्पष्ट है कि 20 वर्षों की इस नकलची एनडीए सरकार की अपनी कोई नीति, दृष्टि और विजन नहीं है। जिस सरकार को 20 सालों में यह नहीं सूझा कि क्या करना है क्या नहीं करना उसे हमारे इशारों, मांगों और घोषणाओं पर नाचते देख बिहारवासियों को अच्छा लगा रहा है।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिजली की फ्री यूनिट, सरकारी नौकरी, रसोइयों, रात्रि प्रहरियों तथा शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों, आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि, युवा आयोग का गठन अथवा एक करोड़ रोजगार का विषय हो। 20 सालों की इस थकी-हारी कालग्रस्त सरकार ने हमारी हर घोषणा, योजना, दृष्टि एवं मांग की नकल कर चुनावी वर्ष में आनन-फानन में ये घोषणा की है। विपक्ष से इनका ये डर अच्छा है। मुख्यमंत्री बताएं कि सरकार को विपक्ष की घोषणाओं की कॉपी और नकल कर कैसा लग रहा है?
जानिए सीएम नीतीश कुमार ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, नवम्बर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही हमलोग शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। शिक्षकों की बहाली में बिहार के निवासियों (DOMICILE) को प्राथमिकता देने हेतु शिक्षा विभाग को संबंधित नियम में आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया गया है। यह TRE-4 से ही लागू किया जाएगा। वर्ष 2025 में TRE-4 एवं वर्ष 2026 में TRE-5 का आयोजन किया जाएगा। TRE-5 के आयोजन के पूर्व STET का आयोजन करने का भी निदेश दिया गया है।