नई दिल्ली। चुनाव आयुक्तों (Election Commissioners) की नियुक्ति को अंतिम रूप देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में गुरुवार दोपहर को चयन समिति (Selection Committee) की बैठक होगी। इस सिफारिश के आधार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) चुनाव आयोग (ECI) में दो सदस्यों की नियुक्ति करेंगी। सूत्रों ने बताया कि इससे पहले बुधवार की शाम कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Law Minister Arjun Ram Meghwal) के नेतृत्व वाली एक खोज समिति ने इसके लिए पांच उम्मीदवारों का एक पैनल तैयार करने के लिए बैठक की।
पढ़ें :- यूपी के इन जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट , लखनऊ समेत कई जिलों में तेज हवा साथ हुई बारिश
कानून तीन सदस्यीय चयन समिति (Selection Committee) को ऐसे व्यक्ति को भी नियुक्त करने का अधिकार देता है, जिसका चयन खोज समिति ने नहीं किया हो। 14 फरवरी को अनूप चंद्र पांडे चुनाव आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद अरुण गोयल ने भी चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे की अधिसूचना नौ मार्च को जारी की गई थी। तबसे आयोग में ये दो पद खाली हैं।
दो चुनाव आयुक्तों के पद खाली होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार चुनाव आयोग के एकमात्र सदस्य रह गए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर नया कानून लागू होने से पहले चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की सिफारिश राष्ट्रपति द्वारा की जाती थी। परंपरा के मुताबिक, सबसे वरिष्ठ को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया जाता था।
पहले मुख्य चुनाव आयुक्त था पद
संविधान के अनुच्छेद 324 के खंड 2 में कहा गया है कि चुनाव आयोग (Election Commission) में मुख्य चुनाव आयुक्त और उतने ही अन्य चुनाव आयुक्त होंगे (अगर कोई हों) जितने राष्ट्रपति समय-समय पर तय कर सकते हैं। चुनाव आयोग के पास पहले केवल एक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) था। लेकिन वर्तमान में इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (Chife Election Commission)और दो चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) शामिल हैं।
पढ़ें :- Assembly elections announced: पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का हुआ एलान, पश्चिम बंगाल में होगा दो चरणों में मतदान, चार मई को आएंगे नतीजे
पहली बार 1989 में नियुक्त किए गए दो आयुक्त
दो अतिरिक्त आयुक्तों को सबसे पहले 16 अक्तूबर, 1989 को नियुक्त किया गया था। लेकिन उनका कार्यकाल एक जनवरी 1990 तक चला। बाद में एक अक्तूबर 1993 को दो अतिरिक्त चुनाव आयुक्त (Election Commission) नियुक्त किए गए। बहु-सदस्यीय चुनाव आयोग (Election Commission) की अवधारणा तबसे लागू है, जिसमें बहुमत से निर्णय लिया जाता है।
चयन समिति में कौन शामिल?
चयन समिति (Selection Committee) के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) हैं। इसमें एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी (Leader of Opposition in Lok Sabha Adhir Ranjan Chaudhary) सदस्य हैं। चुनाव आयुक्तों (Election Commissioners) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि दो नए चुनाव आयुक्तों (Election Commissioners) की नियुक्ति एक ही दिन या अगले दिन हो सकती है।