Election Commission: चुनाव आयोग (Election Commission) ने वोटर लिस्ट रिवीजन (Voter List Revision) पर बड़ा फैसला लिया है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने साफ कर दिया है कि अब केवल पंजीकृत राजनीतिक दलों के प्रमुखों के अनुरोधों को ही सुना जाएगा। अब अगर कोई भी अनाधिकृत शख्स या संगठन चुनाव आयोग (Election Commission) के सामने वोटर लिस्ट रिवीजन (Voter List Revision) पर दरवाजा खटखटाता है तो उस पर कोई सुनवाई नहीं होगी।
पढ़ें :- NEET Row : शशि थरूर ने नीट पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना, बोले-'पूरी एक पीढ़ी के साथ विश्वासघात'
दरअसल, बार-बार विभिन्न दलों की ओर से अनाधिकृत व्यक्तिओं की ओर से विरोधाभाषी ईमेल भेजे जाने की स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग (Election Commission) ने यह फैसला लिया है। चुनाव आयोग (Election Commission) के मुताबिक, अब केवल उन्हीं राजनीतिक दलों के प्रमुखों को संज्ञान में लिया जाएगा जो आयोग के साथ पंजीकृत दलों के आधिकारिक या अधिकृत प्रतिनिधि हैं। किसी अन्य अनाधिकृत शख्स को संज्ञान नहीं लिया जाएगा।