पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना-बेगूसराय को जोड़ने वाले औंटा-सिमरिया 6 लेन केबल ब्रिज का उद्घाटन किया। गयाजी के बाद वह पटना जिले की सीमा पर औंटा के पास आए और फिर इस ब्रिज तक गाड़ी से आने के बाद पैदल चलकर पुल के ऊपर से ही नीचे की तरफ स्वागत में खड़े लोगों का अभिवादन किया। वहीं, इसको लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि, वैधानिक चेतावनी बोर्ड पुल के दोनों तरफ़ लगवाएं जिस पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा हो कि “इस पुल का प्रयोग हर इंसान अपने जोखिम पर करे।
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तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, जनहित में प्रधानमंत्री मोदी जी से मेरी अपील है कि सिर्फ़ पुल का चार बार रिबन ना काटे बल्कि एक बड़ा वैधानिक चेतावनी बोर्ड पुल के दोनों तरफ़ लगवाएं जिस पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा हो कि “इस पुल का प्रयोग हर इंसान अपने जोखिम पर करे क्योंकि हमारी NDA सरकार का पुल गिरने का विश्व रिकॉर्ड है और हमारी सरकार में पुल निर्माण में अरबों करोड़ का कितना भ्रष्टाचार होता है ये बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है। ऐसे में कल को ये पुल भी गिर सकता है, कृपया अपनी जिम्मेदारी पर पुल पार करें”
जनहित में प्रधानमंत्री मोदी जी से मेरी अपील है कि सिर्फ़ पुल का चार बार रिबन ना काटे बल्कि एक बड़ा वैधानिक चेतावनी बोर्ड पुल के दोनों तरफ़ लगवाएं जिस पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा हो कि “इस पुल का प्रयोग हर इंसान अपने जोखिम पर करे क्योंकि हमारी NDA सरकार का पुल गिरने का विश्व…
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) August 22, 2025
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लालटेन राज में अंधेरे में डूबे रहते थे शहर
बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार दौरे पर थे। उन्होंने बिहाहर को कई बड़े तोहफे दिए। साथ ही विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, लालटेन राज में यह क्षेत्र लाल आतंक में जकड़ा हुआ था। माओवादियों की वजह से शाम के बाद कहीं आना-जाना मुश्किल हो जाता था। गया जी जैसे शहर लालटेन राज में अंधेरे में डूबे रहते थे। हज़ारों गांव ऐसे थे जहां बिजली के खंभे तक नहीं पहुंचे थे। लालटेन राज ने पूरे बिहार के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया था। न शिक्षा थी, न रोजगार… बिहार की कितनी ही पीढ़ियों को इन लोगों ने बिहार से पलायन के लिए मजबूर कर दिया था। बिहार के लोगों को आरजेडी और उनके साथी सिर्फ अपना वोट बैंक मानते थे। उन्हें गरीब के सुख-दुख, गरीब के मान-सम्मान से कोई मतलब नहीं था।