लखनऊ। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने दिल्ली कूच की अपनी योजना पर ब्रेक लगा दी है। सरकार से बातचीत तक किसान दलित प्रेरणा स्थल के अंदर ही विरोध प्रदर्शन करेंगे। अगर सरकार से किसानों की बातचीत फेल होती है तो वो अगे की अपनी योजना बनायेंगे। वहीं, बड़ी संख्या में किसानों के दिल्ली कूच के मद्देनजर नोएडा की सीमाओं को छावनी में तब्दील कर चौकसी बढ़ा दी गयी थी। पुलिस के साथ ही अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया था। हालांकि अब किसानों के हटने के बाद बैरिकेडिंग भी हटा दी गई है और वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है।
पढ़ें :- पद्म श्री पुरस्कार विजेता शंकर महादेवन ने अपना गूंगुनालो ऐप किया लांच, सिंगर अब आसानी से इस पर बना सकते है अपना भविष्य
वहीं, किसानों के इस विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीति दल के नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आ रहीं हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विरोध प्रदर्शन का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, एक कृषि प्रधान देश में किसान का आंदोलित होना सरकार की सबसे बड़ी विफलता है।
एक कृषि प्रधान देश में किसान का आंदोलित होना सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। pic.twitter.com/5MYwqky0eB
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 2, 2024
पढ़ें :- सिख गुरु टिप्पणी विवाद : दिल्ली स्पीकर विजेंद्र गुप्ता का दावा- फोरेंसिक एनालिसिस में वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं पाई गई
इससे पहले किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बैरिकेडिंग कर सभी वाहनों की सघन जांच करने के बाद ही उन्हें आगे जाने दे रही थी। इसके चलते नोएडा से दिल्ली आने वाले सभी रास्तों पर लंबा जाम देखने को मिला।