Protest against low Potato Prices : यूपी के कई जिलों में बड़े पैमाने पर किसानों ने आलू का उत्पादन किया है, लेकिन बाजार में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। जिसको लेकर किसानों के बीच काफी नाराजगी है। इस बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा का खेल यही है कि किसानों की लागत तक न निकले और खेतीबाड़ी छोड़ दें।
पढ़ें :- Parliament Budget Session : संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण कल से , लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर हंगामे के आसार
दरअसल, अखिलेश यादव ने आगरा के खंदौली में आलू के गिरते दामों से परेशान किसानों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में कार्यकर्ताओं ने यमुना एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर टोल की लेन नंबर नौ में आलू के कट्टे फैला कर वाहनों की आवाजाही रोक दी। इसके साथ अखिलेश ने लिखा, ‘आलू के दाम गिरने से बर्बाद हो रहे किसानों के लिए किसान और खेती विरोधी भाजपा सरकार पूरी तरह लापरवाह होकर बैठी है और उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। भाजपा को सिर्फ़ अपनी राजनीतिक सत्ता से मतलब है। भाजपा के नेता चुनाव प्रचार के लिए तो उपलब्ध हैं लेकिन किसानों की परेशानी-दिक़्क़तों के लिए उनके पास समय नहीं है।’
पूर्व सीएम ने आगे लिखा, ‘भाजपा का पूरा खेल ही यही है कि पैदावार के दाम इतने कम करवा दो कि किसानों की लागत तक न निकले और वो थक-हार कर खेतीबाड़ी का काम ही छोड़ दें और अपनी ज़मीनें भाजपा के समर्थक अमीरों को कौड़ियों के दाम बेचने पर मजबूर हो जाएं और फिर ये भाजपाई पैसेवाले, किसान को उसके अपने खेत में ही मालिक से मजदूर बना दें।’
आलू के दाम गिरने से बर्बाद हो रहे किसानों के लिए किसान और खेती विरोधी भाजपा सरकार पूरी तरह लापरवाह होकर बैठी है और उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है।
भाजपा को सिर्फ़ अपनी राजनीतिक सत्ता से मतलब है। भाजपा के नेता चुनाव प्रचार के लिए तो उपलब्ध हैं लेकिन किसानों की… pic.twitter.com/0vkHR0TfDn
पढ़ें :- भाजपा राज में विदेश नीति पहली बार विदेशी तय कर रहे हैं, हमारी संप्रभुता और आत्मनिर्भरता की नीति को केंद्र ने पराये हाथों में सौंपा : अखिलेश यादव
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 10, 2026
उन्होंने लिखा, ‘भाजपाइयों की साज़िश ही ये है कि वो किसानों की ज़मीन हड़प कर बड़े स्तर पर खेती करके खाद्यान्न और फसलों की पैदावार को अपने हाथों में ले लें और फिर मनमानी क़ीमत जनता से वसूलें। इसीलिए भाजपा कभी भू-अधिग्रहण बिल लाती है, कभी तीन कृषि काले क़ानून या फिर भारत की खेती-कारोबार के लिए प्राणघातक अमेरिकी डील करती है। यही हाल रहा तो वो दिन दूर नहीं जब कि आज के खेत का मालिक किसान, कल को अपने ही खेत की पैदावार को ख़रीदने पर मजबूर हो जाएगा। भाजपा दल नहीं दलाल है।’