पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: सोनौली कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत महुअवा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड पर बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यूरिया खाद के वितरण को लेकर सैकड़ों किसानों ने हंगामा कर दिया। बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था के कारण वितरण कार्य कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद पुलिस की निगरानी में पुनः वितरण कार्य शुरू हो सका।
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भीड़ बढ़ी, नियंत्रण टूटा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को समिति पर 300 बोरी यूरिया खाद आने की सूचना फैलते ही बुधवार सुबह से ही किसानों का हुजूम समिति परिसर पर उमड़ पड़ा। सुबह आठ बजे से ही सैकड़ों किसान लाइन में लगने लगे। भीड़ इतनी बढ़ गई कि व्यवस्था चरमरा गई और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख कुछ समय के लिए खाद वितरण रोकना पड़ा।
छोटे किसानों ने जताया विरोध
लाइन में लगे कई किसानों ने आरोप लगाया कि खाद वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। एक किसान ने नाराज़गी जताते हुए कहा, “हम छोटे किसान हैं, सुबह से खड़े हैं लेकिन खाद अब तक नहीं मिला। बड़े किसानों को पहले दे दिया जा रहा है और हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही।”
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पुलिस की मौजूदगी में फिर शुरू हुआ वितरण
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। किसानों को लाइन में व्यवस्थित किया गया और समिति कर्मचारियों की निगरानी में खाद वितरण का कार्य दोबारा शुरू कराया गया।
समिति सचिव का बयान
इस विषय में समिति के सचिव मोतीलाल यादव ने कहा, “आज केवल 300 बोरी खाद प्राप्त हुई थी, जबकि मांग इससे कहीं अधिक थी। सभी को खाद देना संभव नहीं हो पाया, लेकिन जैसे ही अगली खेप पहुंचेगी, हर किसान को खाद उपलब्ध कराया जाएगा।”
निष्कर्ष
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यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि इनपुट की आपूर्ति और वितरण प्रणाली की चुनौतियों को उजागर करती है। किसानों की बढ़ती संख्या और संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बीच प्रशासन को वितरण व्यवस्था और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।