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मेरठ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पर महिला शोधार्थियों ने यौन शोषण और धमकी का लगाया गंभीर आरोप, राज्यपाल तक पहुंची शिकायत

By santosh singh 
Updated Date

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ,मेरठ  के इतिहास विभाग में तैनात एक प्रोफेसर पर महिला शोधार्थियों ने यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और शोषण (Sexual Exploitation)के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में शोधार्थियों ने सीधे यूपी की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल (UP Governor and University Chancellor Anandiben Patel) को शिकायत भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

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फ्लैट पर बुलाने का दबाव, डिग्री रोकने की धमकी, ऑडियो-वीडियो सबूत होने का दावा

गवर्नर से की गई शिकायत में प्रोफेसर विघ्नेश कुमार (Professor Vignesh Kumar) पर आरोप लगाया गया है कि वे महिला शोधार्थियों को अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में फ्लैट पर बुलाने का दबाव बनाते हैं। इतना ही नहीं, नौकरी और पैसों का लालच देकर उन्हें बहलाने की कोशिश भी कई बार की गई। आरोप है कि वे छात्राओं को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर गाजियाबाद और नोएडा जैसे शहरों में ले जाने का दबाव बनाते हैं। शोधार्थियों का दावा है कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े ऑडियो और वीडियो सबूत भी मौजूद हैं, जिन्हें वे सुरक्षा मिलने पर शपथपत्र के साथ पेश करने को तैयार हैं।

विभाग में डर का माहौल, बोलने से कतराते हैं स्टूडेंट्स

शिकायत के अनुसार, प्रोफेसर का व्यवहार बेहद आक्रामक है। वे अक्सर छात्रों, कर्मचारियों और अन्य शिक्षकों के साथ बदसलूकी, गाली-गलौज और हाथापाई तक करते हैं। इसी वजह से विभाग में भय का माहौल बना हुआ है और कोई भी उनके खिलाफ खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।

डिग्री रुकवाने और करियर बर्बाद करने की देते हैं धमकी

एक महिला शोधार्थी को फाइल फेंककर मारने और दूसरी छात्रा को भरे सभागार में अपमानित करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि प्रोफेसर छात्रों को धमकाते हैं कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो उनकी डिग्री रुकवा दी जाएगी और करियर बर्बाद कर दिया जाएगा।

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रिसर्च पेपर में जबरन नाम जोड़ने का बनाते हैं दबाव

प्रोफेसर पर यह भी आरोप है कि वे शोधार्थियों को रिसर्च पेपर में न सिर्फ अपना, बल्कि अपने भाई कुलदीप और पत्नी शिवानी का नाम जोड़ने के लिए मजबूर करते हैं। मना करने पर करियर खराब करने की धमकी दी जाती है।

प्रोफेसर के भाई पर भी ये गंभीर आरोप

शिकायत में यह भी कहा गया है कि विभागाध्यक्ष रहते हुए उन्होंने नियमों के खिलाफ अपने सगे भाई कुलदीप की नियुक्ति करवाई। कुलदीप पर भी छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और अश्लील व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं।

छात्राओं की गवर्नर से तुरंत जांच की मांग

शोधार्थियों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक सभी रिसर्च स्कॉलर्स को किसी महिला प्रोफेसर या अन्य विभागाध्यक्ष के अधीन ट्रांसफर किया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने आशंका जताई है कि शिकायत सामने आने पर उन्हें और प्रताड़ित किया जा सकता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि लगातार प्रताड़ना से परेशान एक छात्रा कई बार आत्महत्या की बात कह चुकी है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कुछ अनहोनी हो सकती है।

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