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सत्यपाल मलिक, बोले- मेरे पास दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में करवाता इलाज , हालात नाजुक

By santosh singh 
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नई दिल्ली: किडनी की बीमारी (Kidney Disease) से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक (Former J&K governor Satyapal Malik) बीते 11 मई से डॉ. राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल (Dr. Ram Manohar Lohia Hospital) में एडमिट है। रविवार को सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) ने अपनी हेल्थ अपडेट (Health Update) देते हुए लिखा कि हालत बहुत गंभीर है। इतना ही नहीं उन्होंने एक फोन नंबर भी जारी किया है।

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एक दिन पहले पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक (Former Governor Satyapal Malik) ने एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि उन्हें किडनी की समस्या है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि मैं पिछले लगभग एक महीने के करीब से हस्पताल में भर्ती हूं और किडनी की समस्या (Kidney Disease) से जूझ रहा हूं। परसों सुबह से मैं ठीक था लेकिन आज फिर से मुझे ICU में शिफ्ट करना पड़ा। मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है। मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं।’

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मुझे 150-150 करोड़ रुपये की रिश्वत की हुई पेशकश

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल ने आगे कहा कि जब गवर्नर के पद पर था तो उस समय मुझे 150-150 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश भी हुई परंतु में मेरे राजनीतिक गुरु किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी चरणसिंह की तरह ईमानदारी से काम करता रहा ओर मेरा ईमान वो कभी डिगा नहीं सकें। जब मैं गवर्नर था उस समय किसान आंदोलन भी चल रहा था, मैंने बगैर राजनीतिक लोभ लालच के पद पर रहते हुए किसानों की मांग को उठाया। फिर महिला पहलवानों के आंदोलन में जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक उनकी हर लड़ाई में उनके साथ रहा।’

सरकार मुझे CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है, मैं डरने वाला नहीं

सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik)ने कहा, कि पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों के मामले को उठाया, जिसकी आज तक इस सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई है। सरकार मुझे CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था, मैंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को बताया था इस मामले में करप्शन है और उन्हें बताने के बाद में मैंने खुद उस टेंडर को कैंसिल किया, मेरा तबादला होने के बाद में किसी अन्य के हस्ताक्षर से यह टेंडर हुआ। मैं सरकार को और सरकारी एजेंसियों को बताना चाहता हूं कि मैं किसान कौम से हूं, मैं ना तो डरने वाला हूं ओर ना ही झूकने वाला हूं।’

सरकार ने मुझे बदनाम करने में पूरी ताकत लगा दी

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सत्यपाल मलिक ने कहा कि सरकार ने मुझे बदनाम करने में पूरी ताकत लगा दी। अंत में मेरा सरकार से ओर सरकारी एजेंसियों से अनुरोध है कि मेरे प्यारे देश की जनता को सच्चाई जरूर बताना कि आपको छानबीन में मेरे पास मिला क्या? हालांकि सच्चाई तो यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने का मौका मिलने के बाद आज भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं ओर कर्ज में भी हूं। अगर आज मेरे पास धन दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाता।

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