नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह गुरुवार को 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन पर देशभर में शोक की लहर है। हर कोई उन्हें यादकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेता ने कहा कि, डॉ. मनमोहन सिंह जी ने देश में एक नए मध्यम वर्ग, विकास और मल्टीनेशनल कंपनियों को जन्म दिया था। वे देश में आर्थिक समृद्धि के साथ राजनीतिक समृद्धि भी लेकर आए। वह जिन चीजों पर यकीन रखते थे, उसके लिए पूरा जीवन दृढ़ता के साथ खड़े रहते थे।
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उन्होंने आगे कहा, मनमोहन सिंह जी का इस दुनिया से जाना बहुत बड़ा झटका है, लेकिन वे अपने पीछे एक बड़ी विरासत और यादों का कारवां छोड़ गए हैं। मनमोहन सिंह जी के विरोधी भी उनकी संवेदनशीलता और गरिमा के कायल थे।
कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह आधुनिक भारत के जनक थे। आज सारा देश उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। उनकी सादगी, सरलता, सौम्य स्वभाव और उनकी मृदु भाषा देश के प्रत्येक व्यक्ति के हृदय पर अंकित है। उन्होंने हमेशा ये माना कि देश में GDP बढ़ाना आवश्यक है लेकिन अगर देश की जनता को उस विकास से नहीं जोड़ा गया तो उसके कोई मायने नहीं हैं।
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, मनमोहन सिंह जी का निधन विश्व के उन शख्सियतों को झटका है, जो देश में राजनीति के अलावा अर्थव्यवस्था को महत्व देते हैं। आज मनमोहन सिंह जी के उदारीकरण की नीतियों के कारण करोड़ों घरों को ‘भोजन का अधिकार’ मिल रहा है।
मनरेगा के माध्यम से, भारत के दूरदराज के गांवों में लोगों तक रोजगार के अवसर पहुंचे। कोरोना काल में इसी योजना की बदौलत करोड़ों लोगों को घर बैठे भोजन मिला, जिससे वह अपना जीवन यापन कर सके। मैं विलक्षण प्रतिभा के धनी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी को अपनी कृतज्ञता, श्रद्धांजलि और सम्मान व्यक्त करता हूं।