लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) शनिवार संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS), लखनऊ के 41वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को वार्षिक एवं अनुसंधान पुरस्कार से सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य का मानक एवं मेडिकल एजुकेशन का स्टैंडर्ड क्या होना चाहिए, यह आज प्रदेश में ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में SGPGIMS तय कर रहा है।
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स्वास्थ्य का मानक एवं मेडिकल एजुकेशन का स्टैंडर्ड क्या होना चाहिए, यह आज प्रदेश में ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में SGPGIMS तय कर रहा है।
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS), लखनऊ के 41वें स्थापना दिवस समारोह में आज सम्मिलित हुआ और उत्कृष्ट कार्य करने वाले… pic.twitter.com/46O3JnqBGX
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 14, 2024
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मुख्यमंत्री ने कहा, संजय गांधी पीजीआई से देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य में स्वास्थ्य का मानक तय करता है। कोरोना महामारी के दौरान 36 जनपदों में आईसीयू नहीं थे। ऐसे में संस्थान के निदेशक ने सुझाव दिया कि हम लोग टेली आईसीयू चला सकते हैं। उनकी सहायता से प्रदेश में वर्चुअल आईसीयू प्रारंभ किया था। इससे हजारों लोगों की जान को बचाने में मदद मिली थी।
हमें अब यह तय करने में समय नहीं लगाना चाहिए कि हमें क्या करना है, वरना समय तय कर देगा कि आपको क्या करना है।
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उन्होंने कहा, हमें अब यह तय करने में समय नहीं लगाना चाहिए कि हमें क्या करना है, वरना समय तय कर देगा कि आपको क्या करना है। हमें समय का नहीं इंतजार करना है, हम स्वयं समय तय करें। साथ ही कहा, कुल 18 Medical Colleges इस वर्ष उत्तर प्रदेश में खुले हैं।
वर्ष 2017 से पहले…70 वर्ष में खुले 12 Medical Colleges और 01 वर्ष में खुले 18 Medical Colleges…यह है स्पीड। 75 जनपदों में से 65 जनपदों में हम लोग मेडिकल कॉलेज खोल चुके हैं। हर जिले में फ्री डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। ब्लड बैंक तो थे ही, ब्लड सेपरेटर यूनिट भी स्थापित हुई है। ICU संचालित हुए हैं।