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Ganderbal Encounter Controversy: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गांदरबल मुठभेड़ की मजिस्ट्रेट जांच के दिए आदेश

By Abhimanyu 
Updated Date

Ganderbal Encounter Controversy : जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में मंगलवार शाम सुरक्षाबलों और संदिग्ध आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। अरहामा इलाके में हुई इस मुठभेड़ में सेना ने एक स्थानीय आतंकी के मारे जाने की बात कही थी। लेकिन, मुठभेड़ को लेकर सवाल उठ रहे थे। जिसके बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गांदरबल मुठभेड़ की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में लिखा, “मैंने अरहामा, गांदरबल की घटना की गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि न्याय मिले।” इससे पहले सीएम उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि गांदरबल में हुई उस मुठभेड़ की पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर जांच होनी चाहिए, जिसमें एक स्थानीय व्यक्ति मारा गया था, और इसके तथ्य सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

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सीएम अब्दुल्ला ने एक्स पोस्ट में लिखा, “मेरा मानना ​​है कि परिवार के दावे को सिरे से खारिज नहीं किया जाना चाहिए। कम से कम, इस मुठभेड़ की एक पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर जांच होनी चाहिए, और इसके तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। जांच की घोषणा को टालने या उसमें लीपापोती करने का कोई भी प्रयास केवल विश्वसनीयता को ही नुकसान पहुंचाएगा, और यह किसी के भी हित में नहीं है।

बता दें कि सेना ने बुधवार को बताया कि गांदरबल जिले के अराहामा में रात भर चली मुठभेड़ में एक स्थानीय आतंकवादी मारा गया। मारे गए राशिद अहमद मुगल के परिवार ने कहा कि वह बेकसूर थे। उन्होंने FIR के साथ-साथ जांच की भी मांग की।

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सेना के यह कहने के एक दिन बाद कि मध्य कश्मीर के गांदरबल में हुई एक मुठभेड़ में एक “आतंकवादी” मारा गया है, घाटी के एक परिवार ने दावा किया है कि मारा गया व्यक्ति उनका बेटा था और उसका “आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं था”। गांदरबल के चोंटवालीवार इलाके के रहने वाले, मारे गए राशिद अहमद मुगल के भाई एजाज़ अहमद ने ‘द ट्रिब्यून’ को बताया कि वह मंगलवार सुबह घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।

एजाज़ अहमद ने आगे कहा, “वह सुबह घर से निकला और वापस नहीं लौटा। कल, स्थानीय पुलिस से शव की पहचान करने को कहा गया, और पता चला कि वह मेरा भाई था।” उसने कहा कि उनके भाई का उग्रवाद से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने कहा, “यह सुनकर हम सदमे में हैं। वह पूरी तरह बेकसूर था और उसे मार दिया गया।” उन्होंने आगे बताया कि जब उनका भाई घर से निकला था, तब उसने जो कपड़े पहने थे, बुधवार को उसके शरीर पर वे कपड़े नहीं थे।

अब परिवार ने इस मामले की जाँच की माँग की है। एजाज़ ने कहा, “हम केस दर्ज करवाने के लिए पुलिस से संपर्क कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि इस मामले की पूरी जाँच हो और हमें इंसाफ़ मिले।”

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